ढाका, 22 अगस्त (भाषा) संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों की एक टीम इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री के रूप में शेख हसीना के इस्तीफे से पहले और उसके बाद कम से कम 650 प्रदर्शनकारियों के मारे जाने की जांच के लिए बृहस्पतिवार को बांग्लादेश पहुंचेगी।
अखबार ‘डेली स्टार’ ने ढाका में मौजूद संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी के हवाले से बुधवार को कहा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र की तथ्यान्वेषण टीम के आने और (अत्याचारों की) जांच करने से पहले यह संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों की प्राथमिक टीम है। हम जांच के लिए रूपरेखा से संबंधित समझौते पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद कर रहे हैं।’’
अधिकारी ने कहा कि उम्मीद है कि संयुक्त राष्ट्र की टीम एक जुलाई से 15 अगस्त के बीच हुईं मानवाधिकार उल्लंघन की सभी घटनाओं की जांच के लिए विस्तृत नियम और शर्तों पर चर्चा करेगी।
उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल कम से कम एक सप्ताह तक यहां रहेगा और नागरिक समाज समूहों, मानवाधिकार उल्लंघन के पीड़ितों, छात्रों और सरकारी अधिकारियों तथा अन्य संबंधित लोगों से मुलाकात करेगा।
हसीना की सरकार गिरने के बाद बांग्लादेश में अराजकता फैल गई और हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच वह पांच अगस्त को भारत भाग गईं। इससे पहले, सरकार विरोधी प्रदर्शनों में जुलाई के मध्य से 500 से अधिक लोगों की मौत हो गई।
नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस ने आठ अगस्त को अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में शपथ ली।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय की 16 अगस्त को प्रकाशित एक प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार, 16 जुलाई से 11 अगस्त के बीच छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन और अवामी लीग सरकार के पतन के बाद हुईं घटनाओं में बांग्लादेश में लगभग 650 लोग मारे गए थे। इनमें से लगभग 400 मौतें 16 जुलाई से चार अगस्त के बीच हुईं। कहा जाता है कि अवामी लीग के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता से हटने के बाद 5 और 6 अगस्त को लगभग 250 लोग मारे गए।
भाषा नेत्रपाल मनीषा
मनीषा
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