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Tuesday, 3 February, 2026
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हम अपनी फसलों को उनके जंगली रिश्तेदारों के जीन का उपयोग करके सुपरचार्ज कर सकते हैं

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(राजीव वार्ष्णेय और वनिका गर्ग, मर्डोक विश्वविद्यालय) पर्थ, 14 अगस्त (द कन्वरसेशन) खाद्य सुरक्षा वैश्विक स्तर पर हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन रही है। कुछ स्थानों पर, युद्धों, मुद्रास्फीति और जलवायु-प्रेरित चरम मौसम के कारण, हाल के वर्षों में भोजन की पहुंच में लगातार गिरावट आई है। अंडे और सब्जियों जैसे बुनियादी खाद्य पदार्थों की कीमत दुनिया भर में खबर बन गई है। खाद्य मूल्य मुद्रास्फीति अब दुनिया के आधे से अधिक देशों में समग्र मुद्रास्फीति से आगे है। इस समस्या का स्पष्ट समाधान अधिक फसलें उगाना है, विशेष रूप से ऊर्जा-सघन शीर्ष छह – चावल, गेहूं, मक्का, आलू, सोयाबीन और गन्ना। दुर्भाग्य से, संघर्ष, अधिक चरम मौसम जैसे अचानक सूखा और बाढ़ और पौधों की बीमारियों और कीटों में वृद्धि के कारण भोजन का उत्पादन करना कठिन होता जा रहा है। अनिश्चित भविष्य में भी किसान उत्पादन जारी रख सकें, इसके लिए हमें बेहतर फसलों की जरूरत है। लेकिन अधिकांश अत्याधुनिक कृषि अनुसंधान पौधे के विशिष्ट पहलुओं को बेहतर बनाने पर केंद्रित हैं – बेहतर सूखा प्रतिरोध, या मिट्टी में नमक को सहन करने की बेहतर क्षमता। यह भविष्य के झटकों से निपटने के लिए शायद पर्याप्त न हो। हमारा शोध फसल प्रजातियों की पूर्ण आनुवंशिक शक्ति का उपयोग करके मजबूत फसलों के निर्माण में तेजी लाने का एक तरीका सुझाता है। फसलें जो रुकती नहीं हैं चयनात्मक प्रजनन और आनुवंशिक हेरफेर जैसे उपकरणों का उपयोग करके, मनुष्यों ने उन पौधों को बहुत संशोधित किया है जो हमें हमारे भोजन का बड़ा हिस्सा देते हैं। लेकिन अधिकांश कृषि अनुसंधान अलग-थलग किया जाता है। शोधकर्ता विशिष्ट समस्याओं को हल करने में गहराई से उतरते हैं – उदाहरण के लिए, गेहूं को एक विशिष्ट कवक के खिलाफ प्रतिरोधक कैसे बनाया जाए। कई मोर्चों पर खाद्य सुरक्षा की बढ़ती चुनौतियों का मतलब है कि एक नए दृष्टिकोण की आवश्यकता है। बदलती जलवायु हमारी फसलों के लिए कई तरह के खतरे पैदा करेगी। दुनिया के कुछ हिस्सों में अचानक सूखा पड़ सकता है जबकि अन्य हिस्सों में अत्यधिक बारिश से बाढ़ आ सकती है। कुछ कीट और बीमारियाँ अधिक गर्म दुनिया में पनपेंगी। इसीलिए हम दूसरे दृष्टिकोण की ओर देख रहे हैं – पैन्जेनोमिक्स, जो किसी प्रजाति की पहुंच वाले प्रत्येक जीन को पकड़ने का प्रयास करता है। आप सोच सकते हैं कि किसी प्रजाति में जीन का एक एकीकृत सेट होता है, लेकिन यह सच नहीं है। हाँ, सभी चावल के पौधों में साझा आनुवंशिक अनुक्रमों का एक सेट होता है। लेकिन अलग-अलग पौधों और उपभेदों में विशिष्ट आनुवंशिक अंतर भी होते हैं। पैन्जिनोम इन सभी को कवर करता है। पैन्जिनोम का विचार 2005 में ही सामने आया, जब माइक्रोबायोलॉजिस्ट हर्वे टेटेलिन और उनके सहयोगी स्ट्रेप्टोकोकस बैक्टीरिया के खिलाफ एक टीके की तलाश कर रहे थे। जैसे ही उन्होंने विभिन्न उपभेदों की जांच की, उन्हें एहसास हुआ कि उनमें कितनी अतिरिक्त आनुवंशिक जानकारी मौजूद थी। यह एक बड़ी उपलब्धि थी और इससे पता चला कि एक प्रजाति के एकल अलगाव पर बारीकी से ध्यान केंद्रित करने से हम कितना चूक गए। उनकी खोज से पहले, हमने मान लिया था कि किसी प्रजाति के के एक प्रकार में उस प्रजाति की जीनोमिक सामग्री का सटीक प्रतिनिधित्व करने के लिए पर्याप्त जानकारी है। लेकिन ये सही नहीं है.

इस अहसास ने हमारी फसलों को देखने के तरीके को बदल दिया है। केवल अपने स्वयं के आनुवंशिक पैकेज का उपयोग करके एक एकल कल्टीवेटर (खेती की गई किस्म) को परिपूर्ण करने की कोशिश करने के बजाय, पैन्जिनोम व्यापक जीन पूल से खोई हुई शक्ति को फिर से भरने का एक तरीका प्रदान करता है। 2019 में, हमने एक फसल के संपूर्ण जीन पूल, जिसमें इसकी घरेलू किस्में – और उनके जंगली रिश्तेदार शामिल हैं, पर विचार करके पैन्जेनोम दृष्टिकोण को आगे बढ़ाया। पालतू फसलों के कई जंगली रिश्तेदार अभी भी मौजूद हैं। इन पौधों में विशाल आनुवंशिक विविधता होती है, और अक्सर पालतूकरण और प्रजनन के माध्यम से फसल पौधों से खोए गए बेहतर जीन या जीन वेरिएंट (एलील) को आश्रय देते हैं। हमने पालतू और जंगली जीन पूलों की पहचान करने के लिए इस दृष्टिकोण को ‘सुपर-पैन्जिनोम’ का नाम दिया। यह खाद्य आपूर्ति बढ़ाने में कैसे मदद कर सकता है? 10,000 से अधिक वर्षों से, मनुष्य फसलें उगा रहा है और चुनिंदा तरीके से उनका प्रजनन किया है। लेकिन इन पालतू फसलों के जंगली रिश्तेदार एक ही समय सीमा में फले-फूले हैं। इन जंगली रिश्तेदारों को पालतू न बनाए जाने के अच्छे कारण हैं, जिनमें खराब स्वाद से लेकर भंडारण की कठिनाई और कम पैदावार तक शामिल हैं। लेकिन उनके आनुवंशिक कोड में वांछनीय लक्षण हैं जिन्हें हम पहचान सकते हैं, अलग कर सकते हैं और पालतू प्रजातियों में वापस शामिल कर सकते हैं। एक बार जब हमारे पास किसी प्रजाति और उसके जंगली रिश्तेदारों का आनुवंशिक डेटा हो जाता है, तो हम विशेष रूप से उपयोगी जीन की तलाश शुरू कर सकते हैं। हम उन जीन की खोज में हैं जो भविष्य में और भी बिगड़ने वाले सूखे, खारी मिट्टी और अत्यधिक तापमान जैसे पर्यावरणीय तनावों से निपटने या उससे बचने के लिए जिम्मेदार हैं। हम रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए जिम्मेदार जीन की पहचान कर सकते हैं और यह निर्धारित कर सकते हैं कि कुछ किस्में बेहतर स्वाद या उच्च पैदावार जैसे अन्य वांछनीय लक्षण क्यों प्रदान करती हैं। दुनिया भर में, कई आशाजनक अनुसंधान परियोजनाएँ इस दृष्टिकोण का उपयोग करती हैं, जिनमें घरेलू अंगूरों की पैदावार बढ़ाने के लिए जंगली अंगूरों के जीन का उपयोग करने वाले अमेरिकी शोधकर्ताओं से लेकर टमाटर पर समान काम करने वाले चीनी शोधकर्ता शामिल हैं। हम और हमारे सहयोगी भारत के 1.4 अरब लोगों के लिए विशेष महत्व की अत्यधिक पौष्टिक फलियों चने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। चना, अन्य फलियां वाली फसलों की तरह, हवा से नाइट्रोजन लेता है और इसे मिट्टी में स्थिर करता है, जिससे उर्वरता में सुधार होता है और नाइट्रस ऑक्साइड, एक कम ज्ञात ग्रीनहाउस गैस, के उत्सर्जन को संतुलित करने में मदद मिलती है। लेकिन कई विकासवादी बाधाओं, पालतूकरण और चयनात्मक प्रजनन के कारण चने में आनुवंशिक विविधता का अभाव है। यह पहले से ही समस्याएं पैदा कर रहा है, क्योंकि कम आनुवंशिक विविधता प्रजातियों को कीटों और बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाती है। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में चने के किसानों को अभी भी फंगल ब्लाइट का प्रकोप याद है, जिसने 1990 के दशक के अंत में उत्पादन लगभग समाप्त कर दिया था और फसल को अलोकप्रिय बना दिया था – जबकि अन्य राज्यों ने निर्यात का विस्तार किया था। समाधान: इन पालतू फसलों के जंगली रिश्तेदारों की ओर देखें। सिसर इचिनोस्पर्मम जैसे रिश्तेदारों के जीनोम में, हमें कई आशाजनक जीन मिले जिन्होंने इस कवक को खत्म करने में मदद की। रोग-प्रतिरोधी और उच्च उपज देने वाली चने की किस्मों को विकसित करने के लिए इन जीनों को अब आधुनिक दृष्टिकोण – जैसे जीनोमिक्स-सहायता प्रजनन और जीन संपादन – के माध्यम से घरेलू प्रजातियों में शामिल किया जा सकता है। एक बार जब हम अपनी सबसे महत्वपूर्ण फसलों, जंगली और पालतू दोनों, के पूर्ण जीन स्टॉक की तलाश कर लेते हैं और उसके बारे में अच्छे से जान लेते हैं, तो इन आवश्यक पौधों को सुपरचार्ज करना आसान और तेज़ हो जाएगा – और उन्हें भविष्य में होने वाली अनिश्चितताओं से बचने के लिए आवश्यक जीन से लैस किया जा सकेगा। द कन्वरसेशन एकता एकताएकता

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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