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Saturday, 11 April, 2026
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सिसोदिया ने लोगों से देश में ‘तानाशाही’ के खिलाफ लड़ने का आह्वान किया

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(तस्वीरों के साथ)

नयी दिल्ली, 10 अगस्त (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने शनिवार को पार्टी कार्यकर्ताओं और लोगों से देश में ‘‘अत्याचार’’ के खिलाफ लड़ने का आह्वान किया और कहा कि अगर सभी विपक्षी दल ‘‘तानाशाही’’ के खिलाफ एकजुट हो जाएं तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 24 घंटे के भीतर जेल से बाहर आ जाएंगे।

सिसोदिया ने तिहाड़ जेल से जमानत पर रिहा होने के एक दिन बाद यहां पार्टी मुख्यालय में ‘आप’ कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को तुरंत कड़ी मेहनत शुरू कर देनी चाहिए ताकि हरियाणा, दिल्ली और अन्य जगहों पर विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हार सुनिश्चित की जा सके।

दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नए सहयोगियों के साथ-साथ विपक्षी ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलेपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) गठबंधन के दलों से ‘‘तानाशाही’’ के खिलाफ न केवल अपने नेताओं को जेल जाने से बचाने के लिए, बल्कि सबसे महत्वपूर्ण बात, देश के हित के लिए एकजुट होने का आग्रह किया।

आम आदमी पार्टी ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा है। हाल में संपन्न हुए लोकसभा चुनावों में ‘आप’ और ‘इंडिया’ के एक अन्य घटक कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा था।

सिसोदिया ने कहा, ‘‘अगर पूरा विपक्ष पूरी ताकत से (तानाशाही के खिलाफ) आवाज उठाए तो अरविंद केजरीवाल 24 घंटे के भीतर जेल से बाहर आ जाएंगे।’’

दिल्ली के मुख्यमंत्री आबकारी नीति घोटाले के मामले में तिहाड़ जेल में हैं।

सिसोदिया ने कहा कि केजरीवाल देश में ‘‘ईमानदारी का प्रतीक’’ हैं और उन्होंने इस पूरे मामले को मुख्यमंत्री की छवि ‘‘खराब’’ करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा रची गई ‘‘साजिशों का जाल’’ करार दिया।

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि जेल में रहते हुए उन्हें यह देखकर दुख हुआ कि सैकड़ों व्यापारियों को ‘‘फर्जी मामलों में सिर्फ इसलिए जेल में डाल दिया गया क्योंकि उन्होंने भाजपा को चंदा नहीं दिया था।’’

‘आप’ सुप्रीमो केजरीवाल के भरोसेमंद सिसोदिया आबकारी नीति मामले में 17 महीने जेल में बिताने के बाद शुक्रवार को जेल से बाहर आए।

सिसोदिया ने तिहाड़ जेल से जमानत पर रिहा होने के एक दिन बाद शनिवार को अपनी पत्नी के साथ सुबह की चाय पीते हुए एक तस्वीर साझा की और इसे ‘‘17 महीने बाद एक आजाद सुबह की पहली चाय’’ शीर्षक दिया।

दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने पोस्ट में लिखा, ‘‘आजाद सुबह की पहली चाय… …17 महीने बाद। वह आजादी जो संविधान ने हम सब भारतीयों को जीने के अधिकार की गारंटी के रूप में दी है।’’

उन्होंने लिखा,‘‘ वह आजादी जो ईश्वर ने हमें सबके साथ खुली हवा में सांस लेने के लिए दी है।’’

इसके बाद सिसोदिया ने कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की।

सिसोदिया ‘आप’ सांसद संजय सिंह और मंत्री आतिशी, सौरभ भारद्वाज के साथ मंदिर पहुंचे। पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता उनका स्वागत करने के लिए मंदिर परिसर में एकत्र हुए थे और उनके पहुंचते ही उन्होंने ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’ के नारे लगाए। बाद में, सिसोदिया ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

उन्होंने ‘आप’ मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा नेता संविधान से ज्यादा ताकतवर नहीं हैं। सिसोदिया ने कहा कि हर व्यक्ति को इस ‘‘तानाशाही’’ से लड़ना होगा जो नेताओं को जेल में डाल रही है और नागरिकों को परेशान कर रही है। उन्होंने कहा कि वह भगवान हनुमान के आशीर्वाद और संविधान की वजह से जेल से बाहर आ सके हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि केजरीवाल भी जल्द ही जेल से बाहर आएंगे।

पूर्व उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने ‘आप’ को एक रथ तथा स्वयं को एवं पार्टी के अन्य नेताओं को घोड़े बताते हुए कहा, ‘‘हमारे सारथी (केजरीवाल) अब भी जेल में हैं। उन पर भगवान हनुमान का असीम आशीर्वाद है और वह बहुत जल्द बाहर आ जाएंगे।’’

उन्होंने केजरीवाल को ‘‘भ्रष्टाचार के लिए अभिशाप’’ बताते हुए नारा लगाया- ‘भ्रष्टाचार का एक ही काल, केजरीवाल।’’

सिसोदिया ने पहलवान विनेश फोगाट का स्पष्ट जिक्र करते हुए कहा, ‘‘हमारे गांव की बेटी ने खेलों की दुनिया में भारत का परचम लहराया। जब उसने कहा कि आपकी पार्टी (भाजपा) के एक नेता ने हमारा उत्पीड़न किया, तो उसे (आरोपी को) गिरफ्तार तक नहीं किया गया।’’

सिसोदिया ने कहा, ‘‘हमने देखा कि इस अत्याचार की चरम सीमा पर उस बेटी के साथ क्या हुआ। हर कोई जानता है कि क्या किया गया और किसने किया। अगर वह आंसू बहा रही है, तो निश्चित रूप से कुछ गड़बड़ है।’’

फोगाट को पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक के लिए होने वाले मुकाबले से पहले 100 ग्राम अधिक वजन पाए जाने के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया था। भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख एवं महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपी बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन में सबसे आगे रही थीं।

सिसोदिया ने अपनी जमानत के बारे में कहा कि उच्चतम न्यायालय ने संविधान की शक्ति का इस्तेमाल ‘‘तानाशाही को कुचलने’ के लिए किया।

उन्होंने कांग्रेस नेता एवं वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी सहित उन वकीलों की टीम की सराहना की जिन्होंने जेल से उनकी रिहाई सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत की।

पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि सात-आठ महीने में न्याय मिल जाएगा लेकिन इसमें 17 महीने लग गए, अंतत: सत्य की जीत हुई।

उन्होंने कहा, ‘‘इससे यह साबित हो गया कि भगवान के घर में देर हो सकती है, लेकिन अंधेर नहीं।’’

उन्होंने कहा कि जेल में रहते हुए उन्हें अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों की पीड़ा और आंसुओं से ताकत मिली।

सिसोदिया ने कहा कि जेल में उन्होंने भगवद्गीता और दुनिया भर की शिक्षा प्रणालियों पर आधारित पुस्तकों सहित लगभग 300 पुस्तकें पढ़ीं।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उनसे अपने जवाब मिल गए और मुझे एहसास हुआ कि अगर हम अच्छी गुणवत्ता वाले सरकारी स्कूल, स्वास्थ्य सेवा और रोजगार सुनिश्चित करें तो भारत 2047 तक एक विकसित देश बन सकता है। अगर कोई नेता इसके विपरीत बात कहता है तो वह सिर्फ नौटंकी कर रहा है और वह दूरदर्शी नहीं हो सकता।’’

सिसोदिया ने एकजुट रहने के लिए ‘आप’ नेताओं और स्वयंसेवकों की सराहना की और भाजपा पर विपक्षी नेताओं को डराने के लिए ‘‘धमकियां देने’’ और उन्हें जेल में डालने का सहारा लेने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें तोड़ा नहीं जा सकता, क्योंकि हम उस मिट्टी से बने हैं जिस पर भगत सिंह का पसीना गिरा, महात्मा गांधी को गोली मारी गई।’’

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से ‘‘तानाशाही’’ के खिलाफ लड़ने की अपील की। ​​जेल से बाहर आने के बाद सिसोदिया जब पार्टी मुख्यालय पहुंचे, तब ‘आप’ के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह, मंत्री गोपाल राय, आतिशी, सौरभ भारद्वाज और अन्य नेताओं के साथ-साथ पार्टी के कई कार्यकर्ता वहां मौजूद थे।

भाषा सिम्मी पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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