ढाका, नौ अगस्त (भाषा) बांग्लादेश में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के चरम पर रहने के दौरान वीरान हो गए पुलिस थानों में सेना की सहायता से धीरे-धीरे सामान्य गतिविधियां फिर से शुरू हो रही हैं। शुक्रवार को मीडिया की खबरों से यह जानकारी मिली।
छात्रों के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के कारण शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा और देश छोड़कर जाना पड़ा। उसके बाद, सभी पुलिस थानों की गतिविधियां ठप्प हो गईं। कई पुलिस थानों पर हमला किया गया, लूटपाट की गई और आग लगा दी गई, जिसके कारण कई अधिकारी अपने थानों को खाली करके छिप गए क्योंकि उन्हें और हमले होने का खतरा था।
छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में पुलिस कर्मियों सहित 400 से अधिक लोग मारे गए।
‘ढाका ट्रिब्यून’ समाचारपत्र ने सैन्य और पुलिस अधिकारियों के हवाले से बताया कि लगभग चार दिनों के बाद सेना की सहायता से लगभग 29 पुलिस थानों में गतिविधियां फिर से शुरू हो गई हैं।
बृहस्पतिवार को नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में शपथ ली। उन्होंने देश में कानून और व्यवस्था को बहाल करने की प्रतिबद्धता जतायी है।
पच्चीस ईस्ट बंगाल रेजिमेंट के कंपनी कमांडर शखावत खांडाकर ने कहा, ‘यह देखते हुए कि अपराधी किस तरह से लोगों की हत्या कर रहे थे, जिसमें पुलिस भी शामिल थी, हमने फैसला किया कि पुलिस कर्मियों को बचाना बहुत जरूरी है। वे लोगों की सेवा करते हैं, हमें उन्हें सुधार का एक मौका देने की जरूरत थी।’’
खांडाकर ने कहा, ‘तेजगांव पुलिस थाने में कई हथियार हैं। यदि ये अपराधियों के हाथ लग गए, तो देश गंभीर खतरे में पड़ जाएगा। इसलिए हमने थाने की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कदम उठाए।’
तेजगांव के पुलिस उपायुक्त अजीमुल हक ने कहा, ‘हम सेना के कर्मियों के आभारी हैं जो हमारे पुलिसकर्मियों को बचाने के लिए आगे आए और लोगों की जान और संपत्ति की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज, हमने सेना की मदद से सभी पुलिस गतिविधियां शुरू कर दी हैं। मैं सभी नागरिकों से पुलिस थाने आने का अनुरोध करता हूं। हम आपकी सेवा के लिए तैयार हैं।’
उन्होंने कहा कि तेजगांव मंडल के छह पुलिस थानों में से तीन पुलिस थाने पूरी तरह से चालू हो गए हैं।
हक ने कहा, ‘‘प्रभावित पुलिस थाने में छोटे पैमाने पर काम चल रहा है। इस बीच, कई पुलिसकर्मी पुलिस थानों में काम पर आ गए हैं। अन्य आने लगे हैं। हमें उम्मीद है कि हमारे सभी पुलिसकर्मी कार्यस्थल पर आ जाएंगे।’
बुधवार को, नवनियुक्त पुलिस महानिरीक्षक, मोहम्मद मैनुल इस्लाम ने अधिकारियों को अगले 24 घंटे के भीतर अपनी-अपनी इकाई में शामिल होने का आदेश दिया।
बृहस्पतिवार को पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और छात्रों सहित सभी क्षेत्रों के लोग वापस आने वाले पुलिसकर्मियों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं ताकि वे सुरक्षित रूप से अपने कार्यस्थल पर आ सकें।
भाषा
अमित पवनेश
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