इस्लामाबाद, 11 जुलाई (भाषा) पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने आईएमएफ समझौते और कर्ज पर निर्भर रहने को लेकर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सरकार की आलोचना की और कहा कि वह लोगों को उनके हाल पर नहीं छोड़ेंगे और वह जानते हैं कि सरकार कैसे बनाई व गिराई जाती है।
जुलाई 2023 में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने पाकिस्तान को तीन अरब अमेरिकी डॉलर का कर्ज देने के समझौते को मंजूरी दी थी।
इस सप्ताह की शुरुआत में वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने आगाह किया था कि अगर पाकिस्तान ने कर राजस्व नहीं बढ़ाया तो उसे आईएमएफ से कर्ज लेने की जरूरत पड़ती रहेगी।
समाचार पत्र ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की खबर में जरदारी के हवाले से कहा गया है, “आईएमएफ का कर्ज लोगों के लिए एक परीक्षा है। हम जानते हैं कि सरकार कैसे बनाई और गिराई जाती है…हम लोगों को उनके हाल पर नहीं छोड़ेंगे।”
उन्होंने वादा किया कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) निर्णायक कदम उठाएगी।
भाषा जोहेब रंजन
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