रांची, 30 जनवरी (भाषा) झारखंड के मुख्यमंत्री और झामुमो के नेता हेमंत सोरेन के पता-ठिकाने को लेकर संशय के बाद मंगलवार को उनके यहां अपने आवास लौटने पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच वाकयुद्ध हुआ।
एक ओर, विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दावा किया कि सोरेन दिल्ली जाने के बाद कई घंटे तक ‘लापता’ रहे, तो दूसरी ओर कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने आरोप लगाया कि भाजपा उनके बारे में अफवाहें फैला रही है।
कांग्रेस की विधायक दीपिका पांडे सिंह ने कहा, ‘भाजपा की ईडी, दिल्ली पुलिस और आईबी मिलकर भी मुख्यमंत्री का पता नहीं लगा सकी। यह पूरी तरह से (केंद्रीय गृह मंत्री) अमित शाह की विफलता है। उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।’
सिंह ने कहा कि भाजपा अफवाहें फैला रही है कि मुख्यमंत्री लापता हो गए हैं।
उन्होंने कहा, “हमने उनसे उनके आवास पर मुलाकात की। यह भाजपा की अफवाह मशीनरी के चेहरे पर एक जोरदार तमाचा है।”
राज्य के मंत्री और झामुमो के वरिष्ठ नेता चंपई सोरेन ने पत्रकारों से कहा कि भाजपा द्वारा फैलायी गयी अफवाहों का लोगों पर कोई असर नहीं होगा।
भाजपा की झारखंड इकाई के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ”28 जनवरी की देर रात अपने दिल्ली स्थित आवास से पैदल भागे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लगभग 40 घंटे बाद सुरक्षित रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास लौटने से लोगों ने राहत की सांस ली।”
पूर्व मुख्यमंत्री मरांडी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि सोरेन को दिल्ली से झारखंड तक 1,295 किलोमीटर दूरी तय करने में कितनी परेशानी का सामना करना पड़ा होगा।
मरांडी ने कहा, ‘दिल्ली के बारे में भूल जाइए, ऐसा लगता है कि हेमंत जी निकट भविष्य में सड़क या हवाई मार्ग से तो दूर, झारखंड की सीमा पार कहीं भी जाने के बारे में सपने में भी नहीं सोचेंगे।’
कांग्रेस की झारखंड इकाई के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि यह पहला मौका है जब एक मुख्यमंत्री के पते-ठिकाने के बारे में सवाल पूछा जा रहा है।
उन्होंने कहा, ” वह जन नेता है और जनता के साथ हैं। यह भाजपा है जो कि अफवाह फैला रही है और संशय पैदा कर रही है।”
सोरेन के आवास से ईडी द्वारा बरामद नकदी का उल्लेख करते हुए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने आश्चर्य जताया कि क्या मुख्यमंत्री ’50 घंटे लापता रहकर’ अपने करोड़ों रुपये छिपा रहे हैं।
सोरने पर कटाक्ष करते हुए भाजपा सांसद ने दावा किया कि उनके पिता शिबू सोरेन भी केंद्रीय मंत्री रहते हुए 21 दिनों तक लापता हो गए थे और अब पुत्र ने भी उनके इस तरह के गुणों को अपना लिया है।
भाषा जोहेब पवनेश
पवनेश
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