नयी दिल्ली, 29 दिसंबर (भाषा) अक्टूबर-नवंबर में गोवा में हुए राष्ट्रीय खेलों के दौरान हुई जांच में 20 से ज्यादा खिलाड़ी प्रतिबंधित पदार्थ की जांच में पॉजिटिव पाये गये हैं जो देश में डोपिंग के सबसे बड़े मामलों में से एक है।
राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने डोपिंग के दोषी पाये करीब 20 खिलाड़ियों पर अस्थायी निलंबन लगाया है। नाडा ने 25 अक्टूबर से नौ नवंबर के बीच प्रतिभागियों के डोप नमूने एकत्रित किये थे।
कुछ खिलाड़ियों ने पदक जीते थे जबकि कुछ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी थे।
सूत्रों के अनुसार दोषी पाये जाने खिलाड़ियों में नौ ट्रैक एवं फील्ड एथलीट हैं और सात भारोत्तोलक हैं।
इस सात भारोत्तोलकों में राष्ट्रमंडल चैम्पियनशिप की दो बार की कांस्य पदक विजेता वंदना गुप्ता भी शामिल हैं।
भारतीय भारोत्तोलन महासंघ के एक सूत्र ने पीटीआई से कहा, ‘‘हां, सात भारोत्तोलक गोवा राष्ट्रीय खेलों के दौरान डोप जांच में विफल रहे और आगामी दिनों में इनकी संख्या बढ़ भी सकती है। ’’
उत्तर प्रदेश की 29 साल की वंदना ने गोवा में महिलाओं के 76 किग्रा वर्ग में 207 किग्रा के कुल वजन से स्वर्ण पदक जीता था। वह 2013 और 2017 राष्ट्रमंडल चैम्पियनशिप में 63 किग्रा वर्ग की कांस्य पदक विजेता हैं।
नाडा ने छह दिसंबर को साइकिलिस्ट अनीता देवी पर अस्थायी निलंबन लगाया था।
2015 में केरल में हुए राष्ट्रीय खेलों में 16 डोप पॉजिटिव मामले आये थे जबकि गुजरात के 2022 चरण में इनकी संख्या 10 थी।
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