धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश), 23 दिसंबर (भाषा) हिमाचल प्रदेश का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष में बढ़कर सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 5.82 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह 2023-24 में अनुमानित 4.61 प्रतिशत से अधिक है।
मुख्य रूप से वेतन, पेंशन, ब्याज भुगतान और सामाजिक सुरक्षा मद में खर्च बढ़ने से घाटा बढ़ने का अनुमान है।
राजकोषीय उत्तरादायित्व और बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) रिपोर्ट के अनुसार, दूसरी तरफ, कर राजस्व 752.33 करोड़ रुपये कम होने और राजस्व घाटा बढ़कर 1,368.81 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में यह रिपोर्ट पेश की।
पेंशन मद में खर्च 621.22 करोड़ रुपये बढ़कर 9,315 करोड़ रुपये होने का अनुमान है जो अभी 8,693 करोड़ रुपये है। प्राथमिक घाटा 4,338.13 करोड़ रुपये से बढ़कर 6,953.72 करोड़ रुपये हो जाने का अनुमान है।
सरकार ने व्यय में कमी लाकर और संसाधन जुटाकर घाटे में कमी लाने का आश्वासन दिया है।
भाषा
रमण अनुराग
अनुराग
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