नयी दिल्ली, 16 सितंबर ( भाषा ) रोहन बोपन्ना जैसे अनुभवी खिलाड़ी के साथ एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने को सपना सच होने जैसा करार देते हुए टेनिस खिलाड़ी रूतुजा भोसले ने कहा कि अब उनकी नजरें ग्रैंडस्लैम और पेरिस ओलंपिक पर है।
रूतुजा और बोपन्ना ने हांगझोउ एशियाई खेलों की मिश्रित युगल स्पर्धा में पीला तमगा जीता ।
रूतुजा ने कहा ,‘‘ रोहन ने जब मिश्रित युगल मेरे साथ खेलने का फैसला किया तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ । आम तौर पर मैं एकल या महिला युगल खेलती हूं लेकिन एशियाई खेलों में तीनों स्पर्धाओं में भाग लिया जो शानदार अनुभव था ।’’
यहां फास्ट एंड अप द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में उन्होंने कहा ,‘‘ अब मेरा लक्ष्य पेरिस ओलंपिक में जगह बनाने का है चूंकि टेनिस में कोटा व्यवस्था नहीं होती तो खेलों से दो महीने पहले ही पता चलेगा कि कौन खेलेगा । इसके अलावा ग्रैंडस्लैम खेलने के लिये अपनी रैंकिंग भी बेहतर करनी है ।’’
भारतीय टेनिस के भविष्य को उज्जवल बताते हुए उन्होंने कहा ,‘‘ रोहन अभी खेल रहे हैं और युगल रैंकिंग में शीर्ष पांच में है । अंकिता रैना, करमन कौर , सुमित नागल और मैं लगातार खेल रहे हैं । हमारे यहां प्रतिभाओं की कमी नहीं है और मुझे लगता है कि भविष्य अच्छा ही होगा ।’’
वहीं एशियाई खेलों में पदक से चूके राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी तैराक श्रीहरि नटराज ने कहा कि उनका लक्ष्य मार्च तक पेरिस ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करना है ।
तोक्यो ओलंपिक खेल चुके नटराज ने कहा ,‘‘ मैं कोशिश करूंगा कि मार्च तक ओलंपिक के लिये क्वालीफाई कर लूं । इसके बाद यूरोप में कुछ टूर्नामेंट खेलूंगा ।’’
खेलों इंडिया से निकले नटराज ने कहा ,‘‘ मैने पांच वर्ष की उम्र से तैराकी शुरू की थी । भारत में यह खेल अभी उतना विकसित नहीं है लेकिन प्रतिभाओं को तलाशने के प्रयास जारी है । जिस दिन तैराकी में विश्व स्तर पर बड़ी कामयाबी मिलेगी , आने वाली पीढी को पेशेवर के तौर पर इस खेल को अपनाने की प्रेरणा मिलेगी ।’’
भाषा मोना आनन्द
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