हांगझोउ, छह अक्टूबर ( भाषा ) ‘अबकी बार सौ पार’ के मंत्र के साथ एशियाई खेलों में उतरे भारतीय दल ने शुक्रवार को पुरूष हॉकी टीम के स्वर्ण, कुश्ती में तीन पदक , सेपकटकरॉ में ऐतिहासिक कांस्य के साथ 95 पदक अपनी झोली में डाल लिये ।
भारत के कबड्डी ( दो ), तीरंदाजी ( तीन), हॉकी ( एक) , बैडमिंटन (एक) और क्रिकेट ( एक ) में कुल छह पदक पक्के हैं । इनकी स्पर्धायें होने के बाद भारत शनिवार को पहली बार एशियाई खेलों के इतिहास में सौ पदक पार कर लेगा ।
आखिरी दिन चार और पहलवान पदक की दौड़ में हैं और पदकों की संख्या में इजाफा भी हो सकता है ।
भारत ने पिछली बार जकार्ता में 70 पदक जीते थे जिसमें 16 स्वर्ण, 23 रजत और 31 कांस्य थे ।
इस बार निशानेबाजों ने 22 और एथलेटिक्स में 29 पदक आये हैं जिससे भारत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सका ।
भारतीय दल ने कई अप्रत्याशित पदक भी जीते जिसमें महिला टेबल टेनिस टीम का कांस्य ( सुतीर्था मुखर्जी और अहिका मुखर्जी ) शामिल है ।
पारूल चौधरी ने महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में आखिरी 30 मीटर में कमाल करके स्वर्ण जीत लिया । भालाफेंक में ओलंपिक और विश्व चैम्पियन नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण और किशोर जेना ने रजत पदक जीता ।
केनोइंग में अर्जुन सिंह और सुनील सिंह ने ऐतिहासिक कांस्य जीता जबकि 35 किमी पैदलचाल में रामबाबू और मंजू रानी को भी कांसा मिला ।
खेलों के अनुसार भारत की पदक संख्या इस प्रकार है ।
तीरंदाजी : तीन स्वर्ण, एक रजत , एक कांस्य
एथलेटिक्स : छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य
बैडमिंटन : एक रजत , एक कांस्य
मुक्केबाजी : एक रजत , चार कांस्य
ब्रिज : एक रजत
क्रिकेट : एक स्वर्ण
घुड़सवारी : एक स्वर्ण, एक कांस्य
गोल्फ : एक रजत
हॉकी : एक स्वर्ण
नौकायन : दो रजत , तीन कांस्य
स्कवाश : दो स्वर्ण, एक रजत , एक कांस्य
निशानेबाजी : सात स्वर्ण, नौ रजत, छह कांस्य
पाल नौकायन : एक रजत, दो कांस्य
टेनिस : एक स्वर्ण , एक रजत
वुशू : एक रजत
रोलर स्केटिंग : दो कांस्य
टेबल टेनिस : एक कांस्य
केनोइंग : एक कांस्य
कुश्ती : पांच कांस्य
सेपकटकरॉ : एक कांस्य
भाषा मोना आनन्द
आनन्द
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