हांगझोउ, 25 सितंबर ( भाषा ) भारतीय पुरूष फोर टीम ने एशियाई खेलों की नौकायन स्पर्धा में कांस्य पदक जरूर जीता लेकिन किस्मत साथ देती तो वह चीन को पछाड़कर रजत भी जीत सकती थी ।
आखिरी बीस मीटर में भारतीय टीम मिलीसेकंड के अंतर से रजत से चूक गई ।
भारत के जसविंदर सिंह, भीम सिंह, पुनीत कुमार और आशीष गोलियान ने आखिरी 500 मीटर में चीनी टीम को कड़ी टक्कर दी । लेकिन फिर उनका एक चप्पू नाव में फंस गया जिससे चीनी टीम आगे निकल गई ।
पुनीत ने स्पर्धा के बाद कहा ,‘‘ यह करीबी रेस थी । हमने शुरू ही से चीन से आगे निकलने की कोशिश की और हम कामयाब भी रहे लेकिन आखिरी 20 मीटर में की गई एक गलती भारी पड़ी और हम सेकंड के एक हिस्से से रजत से चूक गए ।’
उन्होंने कहा ,‘‘ हवा का बहाव उलटी दिशा में था जिससे हम थोड़ा भटक गए और फिर हमारा एक चप्पू भी फंस गया । यह हमें लंबे समय तक खलेगा लेकिन इससे सबक लिया है ।’’
आशीष गोलियान ने कहा कि अपनी मेजबानी में खेलने का फायदा है लेकिन अच्छी तैयारी से चीन को हराया जा सकता है ।
उन्होंने कहा ,‘‘ सब कुछ अभ्यास पर निर्भर करता है । अगर आपका अभ्यास बेहतर है तो आप कहीं भी जीत सकते हैं । हम एक दूसरे की हौसलाअफजाई करते रहे । यह हमारा दिन नहीं था और हमने एक गलती से रजत गंवा दिया ।’’
भारत ने नौकायन में दो रजत और तीन कांस्य जीतकर अपने अभियान का अंत किया ।
भाषा मोना सुधीर
सुधीर
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