नयी दिल्ली, 19 सितंबर (भाषा) विश्व चैंपियन एयर राइफल निशानेबाज रुद्रांक्ष पाटिल आगामी एशियाई खेलों और एशियाई चैंपियनशिप में ‘निरंतरता’ बनाये रखना चाहते हैं जिससे उन्हें अगले साल के पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण जीतने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
पिछले साल काहिरा में विश्व चैम्पियनशिप जीतने के बाद से शानदार लय में चल रहे रुद्रांक्ष हांगझोउ एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के दावेदार हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिता हमें निशानेबाजी की बड़ी स्पर्धाओं की तैयारी के लिए मददगार होती है।
इस 19 साल के निशानेबाज ने पेरिस ओलंपिक की तैयारियों में एशियाई खेलों और फिर एशियाई चैम्पियनशिप (कोरिया) की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ हमारा पूरा ध्यान प्रदर्शन में निरंतरता बनाये रखने पर है। हम अपने प्रदर्शन के स्तर को बरकरार रखते हुए, इसमें और सुधार करना चाहते है। कई बार हमें नया तरीका मिल जाता है। मुझे लगता है कि इस तरह के टूर्नामेंट हमारे लिए मददगार होंगे।’’
महाराष्ट्र के इस निशानेबाज को भारतीय राष्ट्रीय राइफल महासंघ (एनआरएआई) ने बाकू विश्व चैम्पियनशिप में नहीं भेजा ताकि कोई अन्य भारतीय खिलाड़ी ओलंपिक कोटा हासिल कर सके।
दिव्यांश पंवार भी देश में एक अग्रणी एयर राइफल निशानेबाज के रूप में उभरे हैं और उनकी तुलना रुद्रांक्ष से होना स्वाभाविक है। यह उसी तरह है जब 2000 के दशक में अभिनव बिंद्रा और गगन नारंग उभरे थे।
रुद्रांक्ष ने हालांकि कहा कि उनके और दिव्यांश दोनों के रिश्ते बहुत अच्छे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रतियोगिता देश में नहीं बल्कि देश के बाहर है। हम (दिव्यांश और रुद्रांक्ष) मुख्य रूप से खुद पर ध्यान केंद्रित करते हैं क्योंकि यह एक व्यक्तिगत खेल है, हमें अन्य खिलाड़ियों को हराने के लिए कोई रणनीति नहीं बनानी पड़ती।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ हमें बस खुद विनम्र बने रहने के साथ अपनी बुनियादी चीजों पर काम करते रहने के लिए अपनी रणनीति बनानी होगी। यह ऐसी चीज है जो हमारे खेल में बहुत महत्वपूर्ण है। जब हम प्रत्येक निशानेबाज को प्रतिस्पर्धी के रूप में देखना शुरू करते हैं, तो यह हमारे पतन की शुरुआत है।’’
रुद्रांक्ष ने कहा, ‘‘ मैं दिव्यांश को 2019 से जानता हूं। वह हमेशा विश्व कप टीम का हिस्सा रहा है। उसने ओलंपिक में भी देश का प्रतिनिधित्व किया है और हमेशा एक अच्छा निशानेबाज रहा है। वह मेरे लिए मार्गदर्शक और एक अच्छे दोस्त की तरह है।’’
भाषा आनन्द सुधीर
सुधीर
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
