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Tuesday, 3 March, 2026
होमखेलवीडियो गेम के कारण डांट सुनने वाले भारतीय खिलाड़ी ई-स्पोर्ट्स में चमक बिखेरने को तैयार

वीडियो गेम के कारण डांट सुनने वाले भारतीय खिलाड़ी ई-स्पोर्ट्स में चमक बिखेरने को तैयार

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(अमित आनंद)

नयी दिल्ली, 12 सितंबर (भाषा) बचपन में लगभग हर किसी को वीडियो गेम खेलने का शौक होता है लेकिन क्या आपने कभी सोचा था कि वीडियो गेम खेलकर आप एशियाई खेलों जैसे मंच पर देश के लिए पदक जीत सकते हैं।

चीन के हांगझोउ में 23 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों में पहली बार ई-स्पोर्ट्स को पदक वाले खेलों की सूची में शामिल किया गया है जहां भारतीय टीम छह में से चार स्पर्धाओं में भाग ले रही है। इन चार स्पर्धाओं में  15 खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।

‘स्ट्रीट फाइटर वी: चैंपियन संस्करण’ में देश के प्रतिनिधित्व करने को तैयार मयंक प्रजापति  ने कहा कि बचपन में वीडियो गेम खेलने को लेकर वह अपने घर में अकसर डांट सुनते थे लेकिन एशियाई खेलों के लिए टीम में जगह बनाने के बाद परिवार का रूख बदला और अब उन्हें परिवार का पूरा साथ मिल रहा है।

मयंक ने ‘भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘शुरुआत में मैं बस मनोरंजन के लिए इसे खेलता था लेकिन जब पता चला कि भारत में ई-स्पोर्ट्स का दायरा बढ़ रहा है तो टूर्नामेंट में भाग लेना शुरू किया। ’’

एशियाई खेलों के लिए आयोजित क्वालीफायर के विजेता रहे इस खिलाड़ी ने कहा, ‘‘ किसी भी खिलाडी के लिए इससे बडी बात नहीं हो सकती कि वह इतने बड़े मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करे। मुझे काफी गर्व महसूस हो रहा है।’’

तैंतीस साल के मयंक ने बताया कि ई-स्पोर्ट्स में उनकी यात्रा इतनी आसन नहीं रही है। उन्होंने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा कि वह ट्यूशन के नाम पर घर से निकल कर अकसर आर्केड शॉप ( ई-स्पोर्ट्स खेलने की दुकान) पहुंच जाते थे और एक दिन वह पकड़े गये।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं अकसर ट्यूशन के लिए घर से निकलता था लेकिन आर्केड शॉप पहुंच जाता था। एक दिन पीछे से किसी ने मेरे कंधे पर हाथ रखा और मैंने मुड़ कर देखा तो वह मेरे पिता थे। इसके बाद मुझे काफी डांट सुननी पड़ी।’’

मयंक ने बताया, ‘‘ इसी आर्केड में मुझे ‘स्ट्रीट फाइटर खेलने का मौका मिला और मैं धीरे-धीरे इसमें पारंगत होते गया। 2009 मैंने इसे स्ट्रीट फाइटर के चौथे संस्करण का ऑनलाइन ऑर्डर किया जब मुझे पता चला कि इसकी एक कम्यूनीटी  (समूह) है। मैं इस कम्युनिटी से जुड़ा और फिर मैंने पीछे मुडकर नहीं देखा।’’

शादी के बाद 2018 में वह एक प्रतियोगिता में अपनी पत्नी को लेकर गये थे। प्रतियोगिता का स्तर और खेल का तरीका देखने के बाद उनकी पत्नी का रूख भी इस खेल को लेकर बदला और अब वह भी उनका पूरा समर्थन करती है।

मयंक एक ‘इंटीरियर डिजाइन फर्म’ में कार्यरत हैं और उनका दो साल का बच्चा भी है। उन्होंने कहा कि वह आम तौर पर बच्चे के सोने के बाद रात में लगभग 11 बजे से तीन-चार घंटे का अभ्यास करते हैं।

स्ट्रीट फाइटर वी में मयंक के साथ अयान बिस्वास भी भारतीय टीम में शामिल है। मयंक ने कहा, ‘‘ अयान भी काफी अच्छा खिलाड़ी है और मैं बस यही दुआ कर रहा हूं कि हम दोनों का आमना सामना शुरुआती चरण में ना हो। ऐसे में भारत के लिए पदक जीतने का मौका कम होगा।’’

‘लीग ऑफ लीजेंड्स (एलओएल) में चुनौती पेश करने वाले दिल्ली के सानिन्ध्य मलिक ने  ई-स्पोर्ट्स को मानसिक खेल बताते हुए इसकी तुलना शतरंज से की।

एलओएल टीम स्पर्धा है। जिसमें 22 साल के इस खिलाड़ी के अलावा अक्षज शेनॉय, समर्थ अरविंद त्रिवेदी, मिहिर रंजन, आदित्य सेल्वराज, आकाश शांडिल्य भारतीय टीम का हिस्सा है।

‘बीटेक’ करने के बाद एक सरकारी कंपनी में कार्यरत सानिन्ध्य ने कहा कि एशियाई खेलों में इस खेल के शामिल होने के बाद भारत में माहौल काफी बदला है और उन्हें पहले की तुलना में काफी अधिक समर्थन मिल रहा है।

सानिन्ध्य  ने कहा, ‘‘शुरुआत में लोग कहते थे कि ये क्या रहे हो? इसमें कोई शारीरिक गतिविधि नहीं है इससे कोई फायदा नहीं होगा। लेकिन एशियाई खेलों के कारण अब काफी समर्थन  मिलना शुरू हो गया है।’’

सानिन्ध्य ने कहा कि पेशेवर तौर पर ई-स्पोर्ट्स काफी मुश्किल खेल है। इसमें लगातार अपडेट आते रहते हैं। नये अपटेड से सामंजस्य बैठाना काफी मुश्किल होता है।

सानिन्ध्य ने कहा, ‘‘ यह बहुत मानसिक मजबूती वाला खेल है। यह शतरंज की तरह है। इसमें काफी रणनीति बनाकर खेलना होता है। इस खेल में लगातार अपडेट आते रहते है जिससे खेल में कुछ बदलाव होता रहता है। ऐसे में शीर्ष पर बने रहने के लिए काफी अभ्यास करना होता है । उस बदलाव से सामंजस्य बैठाना होता है।

उन्होंने बताया कि एशियाई खेलों में चीन, कोरिया और जापान की टीमों से पार पाना सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण होगा।

उन्होंने कहा, ‘ भारत में इस खेल का स्तर अभी उतना ऊंचा नहीं है। इस खेल में कोरिया, जापान और चीन का दबदबा  है क्योंकि वहां काफी पहले से ई-स्पोर्टस को करियर की तरह लिया जाता है। भारत में अभी  उतना समर्थन नहीं है। इस लिए हम थोड़े पीछे हैं।’’

उन्होंने उम्मीद जताई कि इन खेलों के बाद भारत में ई-स्पोर्ट्स को और अधिक मान्यता मिलेगी।

एशियाई खेल 2023 का आयोजन 23 सितंबर से आठ अक्टूबर तक किया जाएगा। इस प्रतियोगिता का आयोजन पिछले साल ही होना था लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसे स्थगित करना पड़ा था।

भाषा आनन्द पंत

पंत

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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