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Friday, 24 April, 2026
होमदेश‘विदेश में बाल एजेंसियों द्वारा ले जाए गए भारतीय बच्चों की स्वदेश वापसी पर जी20 में चर्चा हो’

‘विदेश में बाल एजेंसियों द्वारा ले जाए गए भारतीय बच्चों की स्वदेश वापसी पर जी20 में चर्चा हो’

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नयी दिल्ली, छह सितंबर (भाषा) भारत की अध्यक्षता में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन से पहले नौ सेवानिवृत्त न्यायाधीशों ने सदस्य देशों के नेताओं को पत्र लिखकर पश्चिमी यूरोप, ब्रिटेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में राज्य बाल एजेंसियों द्वारा माता-पिता से अलग किए गए भारतीय बच्चों की स्वदेश वापसी पर चर्चा का अनुरोध किया है।

पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति रूमा पाल, न्यायमूर्ति विक्रमजीत सेन, न्यायमूर्ति ए.के. सीकरी और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता शामिल हैं। वहीं दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश ए.पी. शाह; ओडिशा उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर; और दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति मंजू गोयल, न्यायमूर्ति आर.एस. सोढ़ी और न्यायमूर्ति आर. वी. ईश्वर भी पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में शामिल हैं।

सेवानिवृत्त न्यायाधीशों ने कहा कि विदेश में परिवार और रिश्तेदारों से अलग हो जाने के कारण देखभालकर्ताओं के साथ रखे गए भारतीय बच्चे अलग-थलग पड़ जाते हैं और उनकी पहचान खो जाती है। न्यायाधीशों ने जी20 शिखर सम्मेलन में इस मामले पर चर्चा की मांग की।

पत्र में कहा गया है, ‘ऐसे बच्चों को विदेशी बाल संरक्षण प्राधिकरण की हिरासत में रखा जाता है। जबकि सभी बच्चे माता-पिता के संरक्षण से हटाए जाने पर देखभाल के हकदार हैं, क्योंकि इन बच्चों के पास संबंधित देश में कोई विस्तृत परिवार नहीं होता, उनके पास यह विकल्प नहीं है।’

भाषा जोहेब प्रशांत

प्रशांत

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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