गुवाहाटी, 14 जुलाई (भाषा) असम के ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने शुक्रवार को दावा किया कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के पतन का कारण बनेगी क्योंकि इसके समर्थन में बहुत ही कम लोग आएंगे।
सांसद ने यह भी दावा किया कि पूर्वोत्तर के अन्य राज्य मिजोरम, मेघालय, नगालैंड और मणिपुर ने पहले ही ‘यूसीसी को अस्वीकार’ कर दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार इसे (यूसीसी) कहां लागू करेगी? यह नरेन्द्र मोदी सरकार के पतन का कारण बनेगी।’’
अजमल ने यहां संवाददाता से कहा, ‘‘असम के मुस्लिमों से मेरा अनुरोध है कि वे यूसीसी पर सुझाव एवं टिप्पणी न दें। मुसलमानों के एक अल्लाह, एक आस्था, एक नबी (पैगंबर) और एक कुरान है।’’
उनका कहना है कि उत्तर से लेकर दक्षिण और पश्चिम से पूर्व तक लोगों के बीच यूसीसी को लेकर मतभेद हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कई वर्षों से अपने चुनावी घोषणापत्र में लैंगिक न्याय के लिए यूसीसी की मांग करती आ रही है।
विधि आयोग ने 14 जून को राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस यूसीसी पर सार्वजनिक और मान्यता प्राप्त धार्मिक संगठनों सहित अन्य हितधारकों से सुझाव मांगकर इस मुद्दे पर एक नई परामर्श प्रक्रिया की शुरुआत की थी।
भाषा खारी संतोष धीरज
धीरज
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.