रायपुर, छह जुलाई (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बृहस्पतिवार को कहा कि 2019 एमबीबीएस बैच नेशनल एग्जिट टेस्ट (नेक्स्ट) के तहत नहीं आएगा और यह अगले बैच से लागू होगा।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर में एक ‘सघन देखभाल इकाई’ की आधारशिला रखने के बाद छात्रों के साथ बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री मांडविया ने कहा कि केंद्र और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ऐसा कोई निर्णय नहीं लेंगे जिससे छात्रों में भ्रम पैदा हो।
एनएमसी कानून के अनुसार ‘नेक्स्ट’ एमबीबीएस अंतिम वर्ष के लिए साझा अर्हता वाली परीक्षा होगी जो आधुनिक चिकित्सा की ‘प्रैक्टिस’ करने के लिए लाइसेंस परीक्षा, स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में योग्यता-आधारित प्रवेश तथा भारत में ‘प्रैक्टिस’ करने के इच्छुक विदेशी मेडिकल स्नातकों के लिए एक स्क्रीनिंग परीक्षा होगी।
नेक्स्ट परीक्षा के बारे में एक छात्र के सवाल का जवाब देते हुए मांडविया ने कहा, ”किसी भी छात्र को किसी भी तनाव से गुजरने की आवश्यकता नहीं है। मैं 2019 बैच को नेक्स्ट के अंतर्गत नहीं ला रहा हूँ। मैं 2020 बैच को इसके अंतर्गत लाऊंगा। नेक्स्ट इस वर्ष आयोजित नहीं किया जाएगा।’’
मंत्री ने कहा, ”दूसरी बात यह है कि मैं अंतिम परीक्षा को नेक्स्ट नहीं मानूंगा। डिग्री दीजिए लेकिन डिग्री देने के बाद रजिस्ट्रेशन तभी होगा जब आप नेक्स्ट उत्तीर्ण कर लेंगे। इसका मतलब है कि नेक्स्ट, नीट के बराबर है।”
उन्होंने कहा, ”हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। छात्रों को कोई तनाव नहीं लेना चाहिए। सरकार और एनएमसी ऐसा कोई निर्णय नहीं लेंगे जिससे छात्रों में भ्रम पैदा हो।”
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