तिरुवनंतपुरम, 29 जून (भाषा) केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत सरकार ईरानी नौसेना अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिये गये भारतीय मछुआरों की रिहाई सुनिश्चित करने को लेकर ईरानी अधिकारियों के संपर्क में है।
गौरतलब है कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अजमान से मछली पकड़ने निकले केरल के सात, तमिलनाडु के तीन और अरब के एक नागरिक अनजाने में ईरान की जल सीमा में प्रवेश कर गये थे, जिसके बाद ईरान के नौसेना अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया था।
मुरलीधरन ने अंचुथेंगु के पास एक चर्च में केरल के मछुआरों के रिश्तेदारों से मुलाकात की और कहा कि ईरान में मछुआरों की हिरासत के बारे में सूचित किए जाने के तुरंत बाद विदेश मंत्रालय ने ईरान में भारतीय दूतावास के माध्यम से ईरानी अधिकारियों से संपर्क किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीत भारत सरकार के पास इस तरह के मामलों को लेकर भारतीय नागरिकों की रिहाई सुनिश्चित करने का अनुभव है।
मंत्री ने कहा कि भारत सरकार के पास ऐसे मुद्दों के समाधान के लिए पाकिस्तान और श्रीलंका के साथ स्थायी समाधान है, लेकिन ईरान के मामले में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है।
हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया, ‘हम समाधान ढूंढ लेंगे।’
उन्होंने कहा कि भारतीय दूतावास के अधिकारी खुद वहां जाकर ईरान द्वारा हिरासत में लिए गए मछुआरों से मिलेंगे। मंत्री ने पीड़ित परिवारों को आश्वासन दिया कि मछुआरों को किसी भी तरह के शारीरिक उत्पीड़न का शिकार नहीं बनने दिया जाएगा।
मुरलीधरन ने मछुआरों के रिश्तेदारों को यह भी आश्वासन दिया कि उनकी अपने परिजनों से बात कराने के लिये जल्द से जल्द उपाय करवाएंगे।
केरल के सात मछुआरों में से पांच मछुआरे तिरुवनंतपुरम जिले के अंचुथेंगु से हैं, जबकि दो कोल्लम जिले के परवूर से हैं।
उन्होंने बताया कि खाड़ी में अजमान से मछली पकड़ने निकले मछुआरे रास्ता भटककर ईरानी जल सीमा में घुस गए थे। उन्हें कथित तौर पर सोमवार को ईरान ने हिरासत में ले लिया था।
परिवारों को मिली जानकारी के मुताबिक, इन मछुआरों को ईरान में कैद कर अलग-अलग जेलों में रखा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत में मछुआरों के साथ मार पीट की गई थी।
हिरासत में लिए गए एक मछुआरे स्टेनली वाशिंगटन की पत्नी अनिता ने मछुआरों को ईरान से छुड़ाने के लिए भारत सरकार के अधिकारियों से अपील की।
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