नयी दिल्ली, 24 जून (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने मणिपुर की स्थिति पर शनिवार को आयोजित सर्वदलीय बैठक में उसे नहीं आमंत्रित किये जाने पर यह कहते हुए सरकार पर निशाना साधा कि यह गृहमंत्री के ‘संवेदनहीन रवैये’ को उजागर करता है।
भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) और कांग्रेस समेत विभिन्न दलों के नेताओं ने मणिपुर की स्थिति पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा बुलायी गयी सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लिया। मणिपुर में तीन मई से जारी जातीय हिंसा में करीब 120 लोगों की जान चली गयी जबकि 3000 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
बैठक में नहीं आमंत्रित किये जाने पर भाकपा महासचिव डी राजा ने ट्वीट किया, ‘‘ मणिपुर पर बुलाई गयी सर्वदलीय बैठक से भाकपा को अलग रखना राज्य की ज्वलंत समस्या के प्रति केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संवेदनहीन रवैये को उजागर करता है। भाकपा मणिपुर में एक मान्यताप्राप्त दल है और वह राज्य में शांति और सद्भाव कायम करने में अहम योगदान दे रहा है।’’
उन्होंने कहा कि हाल में मणिपुर के एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने भाकपा नेतृत्व से भेंट की थी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस क्षेत्र में ‘शांति कायम करने में जोर-शोर से लगी’ है और उसने शांति और सद्भाव की अपील करते हुए दिल्ली में प्रदर्शन भी किया था।
राजा ने कहा कि गृहमंत्री को ‘‘बैठक से भाकपा को अलग रखने तथा मणिपुर मुद्दे पर पारदर्शिता के अभाव पर सफाई देनी चाहिए। क्या यह डर है कि भाकपा मणिपुर में ‘डबल इंजन’ की विफलता को उजागर कर देगी, जिसके फलस्वरूप उसे बैठक से दूर ही रखा गया।’’
‘डबल इंजन’ का उल्लेख कर भाकपा ने केंद्र और मणिपुर की भाजपा सरकार पर कटाक्ष किया।
राजा ने कहा, ‘‘ गृहमंत्री के सामने मणिपुर जल रहा है जबकि प्रधानमंत्री विदेश में व्यस्त हैं। उन्हें मणिपुर के लोगों के सामने अपनी विफलताओं पर जवाब देना होगा।’’
भाषा
राजकुमार धीरज
धीरज
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