मुंबई, 23 जून (भाषा) राकांपा ने शुक्रवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की “हुसैन ओबामा” टिप्पणी को अप्रिय बताते हुए कहा कि यह अमेरिका यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस दावे का महत्व घटाती है कि भारत में कोई धर्म-आधारित भेदभाव नहीं है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने कहा कि शर्मा को माफी मांगनी चाहिए ताकि दुनिया प्रधानमंत्री पर विश्वास करे।
एक पत्रकार ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी की थी कि ‘‘क्या असम पुलिस भारत में अल्पसंख्यकों की कथित असुरक्षा पर टिप्पणी के लिए पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को गिरफ्तार करेगी’’, इसपर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शर्मा ने शुक्रवार को दावा किया कि “भारत में कई हुसैन ओबामा हैं” और उन लोगों से निपटना उनकी प्राथमिकता होगी।
पत्रकार का ट्वीट स्पष्ट रूप से देश के विभिन्न हिस्सों में की गई टिप्पणियों के लिये असम में विपक्षी नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किये जाने के संदर्भ में था।
राकांपा के प्रवक्ता क्लाईड क्रास्टो ने कहा, “या तो उन्होंने (शर्मा ने) हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के अमेरिका में दिए गए बयान को नहीं सुना, या फिर उन्होंने जो कहा, उसकी अनादरपूर्वक वह अवहेलना कर रहे हैं।”
मोदी ने कहा था कि भारत में, “जाति, पंथ, धर्म, लिंग से इतर, भेदभाव के लिए बिल्कुल कोई जगह नहीं है।”
उन्होंने कहा, “यह एक संदेश है, जिसका भाजपा के मुख्यमंत्रियों सहित भाजपा और उसके कार्यकर्ताओं को पालन करना चाहिए। अन्यथा, हमारे प्रधानमंत्री ने अमेरिका में जो कहा, उस पर दुनिया विश्वास नहीं करेगी।”
राकांपा प्रवक्ता ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री के बयान ने ओबामा का भी अपमान किया है, जो दुनिया के सबसे बेहतरीन नेताओं में से एक हैं और जिन्हें मोदी अपना ‘‘करीबी दोस्त’’ बताते हैं।
उन्होंने कहा, “अब भाजपा के मुख्यमंत्री शर्मा को दुनिया को यह विश्वास दिलाने के लिए माफी मांगनी चाहिए कि मोदी जी ने जो कहा वह सच है।”
भाषा प्रशांत दिलीप
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