नयी दिल्ली, 20 जून (भाषा) विनिर्माण क्षेत्र ने डिजिटल कायाकल्प को अपने एजेंडा में काफी ऊपर रखा है और 54 प्रतिशत कंपनियों ने कारोबारी गतिविधियों में कृत्रिम मेधा (एआई) और एनालिटिक्स को अपना लिया है। एक रिपोर्ट में यह आकलन पेश किया गया।
पीडब्ल्यूसी इंडिया ने मंगलवार को जारी एक सर्वे रिपोर्ट में कहा कि भारतीय विनिर्माण क्षेत्र में डिजिटल गतिविधियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस सर्वे के जरिये विनिर्माण कंपनियों की भविष्य की तैयारियों को भी परखने की कोशिश की गई। इसके लिए घरेलू बाजार में सक्रिय विनिर्माण कंपनियों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों की राय ली गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय विनिर्माण कंपनियां फिलहाल अपने तमाम संयंत्रों के लिए एक ही तरह का डिजिटल समाधान अपनाना पसंद करती हैं। इसके उलट वैश्विक कंपनियां अलग-अलग मॉड्यूल वाले एक मानकीकृत डिजिटल समाधान को लागू करना पसंद करती हैं।
हालांकि, भारतीय विनिर्माण कंपनियां एनालिटिक्स और एआई को अपनाने में खासी दिलचस्पी दिखा रही हैं और करीब 54 प्रतिशत भारतीय कंपनियों ने इसे अपने कारोबारी परिचालन में लागू भी कर दिया है।
वहीं सर्वे में शामिल 38 प्रतिशत भारतीय कंपनियों ने डिजिटल समाधान अपनाने की किसी भी योजना से इनकार किया है।
पीडब्ल्यूसी इंडिया में साझेदार और परिचालन प्रमुख अंकुर बसु ने कहा कि तमाम कंपनियों ने परिचालन चुनौतियों से निपटने के लिए भविष्योन्मुखी प्रौद्योगिकी को अपना लिया है लेकिन इनमें से कुछ कंपनियां ही मूल्य शृंखला में उसे पूरी तरह लागू कर पाई हैं।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
अजय
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
