scorecardresearch
Tuesday, 28 April, 2026
होमदेशकेरल सरकार ने मानव-पशु संघर्ष रोकने के लिए कानून लाने को लेकर सहमति बनाने पर जोर दिया

केरल सरकार ने मानव-पशु संघर्ष रोकने के लिए कानून लाने को लेकर सहमति बनाने पर जोर दिया

Text Size:

तिरुवनंतपुरम, 30 अप्रैल (भाषा) केरल सरकार ने देशभर में सामने आये मानव-पशु संघर्षों से निपटने के लिए एक कानून लाने की जरूरत पर राष्ट्रीय स्तर पर सहमति बनाने की बात कही है।

यह बात ऐसे ऐसे समय में की गई जब राज्य में पिछले कुछ महीनों में मानव-पशु संघर्ष के मामलों में वृद्धि हुई है।

ऐसे ही एक मामले में एक हाथी शामिल है, जो चावल की तलाश में राशन की दुकानों और घरों पर हमला करता है। इस हाथी ने केरल में इडुक्की जिले के कुछ क्षेत्रों में मानव बस्तियों को क्षति पहुंचायी है।

महीनों की अनिश्चितता के बाद हाथी को शनिवार को बेहोश कर दिया गया और पेरियार बाघ अभयारण्य के जंगल में स्थानांतरित कर दिया गया।

राज्य के वनमंत्री ए के ससींद्रन ने कहा कि मानव-पशु संघर्ष देश के लिए नया नहीं है और हमें इस मुद्दे से निपटने के लिए एक राष्ट्रीय सहमति की आवश्यकता है।

ससींद्रन ने कहा, ‘‘मनुष्य-पशु संघर्ष देश में एक उभरता हुआ मुद्दा है और हमें इस तरह के संघर्षों से निपटने के लिए एक कानून बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर आम सहमति बनाने की जरूरत है।’’

उन्होंने वन्यजीवों और मनुष्यों दोनों की रक्षा के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए आवाज उठाने वाले पशु संरक्षण समूहों और अन्य गैर सरकारी संगठनों से हमेशा कहता हूं कि वे मानव-पशु संघर्ष को हल करने के लिए अपने सुझाव प्रदान करें।’’

भाषा अमित संतोष

संतोष

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments