अमरावती, 25 अप्रैल (भाषा) फिलहाल हिंसा प्रभावित सूडान में फंसे आंध्र प्रदेश के 54 प्रवासियों में से 34 को सुरक्षित पाया गया है। एपी अनिवासी तेलुगु सोसाइटी (एपीएनआरटीएस) के अध्यक्ष मेदापति वेंकट ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
सरकार द्वारा संचालित सोसायटी के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि 34 प्रवासी पहले ही लाल सागर के तट से ‘पोर्ट सूडान’ पहुंच चुके हैं और उनके सुरक्षित स्थान पर आगे बढ़ने की उम्मीद है।
वेंकट ने कहा, हालांकि शेष 20 लोग एपीएनआरटीएस के संपर्क में नहीं आ सके, उन तक पहुंचने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने उन सभी के सुरक्षित होने का संकेत देते हुए कहा कि वे संघर्ष वाले क्षेत्र से सिर्फ 30 किलोमीटर दूर हो सकते हैं।
उन्होंने कहा, “टेलीफोन सिग्नल की समस्या के कारण हम उनसे संपर्क नहीं कर सके।” उन्होंने कहा कि सोसाइटी आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से उनसे संपर्क कर रही है।
वेंकट के मुताबिक, सभी 54 एक ही जगह पर नहीं हैं, लेकिन एपीएनआरटीएस ने उनके संपर्क में रहने के लिए एक ‘व्हाट्सऐप ग्रुप’ बनाया है।
संयोग से, केंद्र सरकार ने दो दिन पहले दिल्ली में आंध्र प्रदेश भवन के माध्यम से सोसाइटी से संपर्क किया और फंसे हुए लोगों या अफ्रीकी राष्ट्र से किसी के द्वारा संकट में होने को लेकर किए गए फोन कॉल के बारे में जानकारी मांगी।
वेंकट ने कहा कि उन्होंने सभी जानकारी प्रदान की है और प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय दूतावास को दो बार लिखा भी है।
इसके अलावा, सभी 54 लोगों को निर्देश दिया गया है कि जब भी संभव हो, वहां से निकासी का लाभ उठाने के लिए स्थानीय दूतावास में अपना पंजीकरण कराएं।
सूडान में फंसे भारतीयों को निकालने के लिये भारत ने सोमवार को ‘ऑपरेशन कावेरी’ शुरू किया था।
भाषा प्रशांत पवनेश
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