जम्मू, 25 अप्रैल (भाषा) कश्मीरी पंडितों के प्रमुख संगठन पनुन कश्मीर ने मंगलवार को आरोप लगाया कि पिछले सप्ताह पुंछ में हुए आतंकवादी हमले ने जम्मू-कश्मीर में ‘खराब होती सुरक्षा व्यवस्था’ को उजागर कर दिया है।
पनुन कश्मीर के अध्यक्ष अजय चुरुंगू ने कहा कि वे चाहते हैं कि उप राज्यपाल नीत केंद्र शासित प्रदेश और केंद्र की सरकार सुरक्षा प्रतिष्ठानों और राजनीतिक नेतृत्व के स्तर पर सुरक्षा मामलों की निगरानी के मोर्चे पर मिली ‘आंतरिक असफलता’ को स्वीकार करे।
उल्लेखनीय है कि पुंछ में 20 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद ट्रक में आग लग गई थी जिसमें सेना के पांच जवान मारे गए थे।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘ पुंछ में पांच सैनिकों की हत्या सरकार के सामान्य स्थिति के दावे को उजागर करती है जोकि लंबे समय से यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ जंग उन्होंने जीत ली है।’’
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया जाना जरूरी है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों में न केवल पाकिस्तान की भूमिका है बल्कि भीतर छिपी ‘जिहादी ताकतें’ भी जिम्मेदार हैं।
चुरुंगू ने कहा कि ‘‘समस्या केवल बाहर से नहीं है। कई उपद्रवी स्थानीय स्तर पर भी पोषित हो रहे हैं।’’
उन्होंने इलाके में गत दो साल में सुरक्षा बलों पर हुए तीसरे बड़े आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की।
भाषा धीरज पवनेश
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