(तस्वीर के साथ)
पटियाला (पंजाब), 14 अप्रैल (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को बैसाखी पर्व के अवसर पर गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब में मत्था टेका और राज्य की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने बैसाखी के पवित्र अवसर पर दुनियाभर के पंजाबियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह “पंजाब की भावना, पंजाबी और विविधता में एकता” का प्रतीक है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मान ने कहा कि यह पर्व फसल के मौसम की शुरुआत और रबी फसलों के पकने का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि इस पर्व पर राज्य के किसान मेहनत का फल प्राप्त करते हैं और अपने समृद्ध भविष्य की खुशी मनाते हैं। मान ने कहा, “हालांकि, इस साल स्थिति अलग है क्योंकि हाल ही में हुई लगातार बारिश के कारण किसानों को बड़ी संख्या में फसलों के नुकसान का सामना करना पड़ा है।”
मुख्यमंत्री ने इस स्थिति से किसानों को उबारने के लिए राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया और कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार किसानों और खेतिहर मजदूरों के साथ है।
बयान के अनुसार मान ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने इस भारी नुकसान के लिए किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है।
मान ने कहा कि किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए ‘गिरदावरी’ (क्षेत्र निरीक्षण) के लिए एक पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई है।
इस खुशी के पर्व को पारंपरिक उल्लास और उत्साह के साथ मनाने का लोगों से आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारे देश के धर्मनिरपेक्ष और सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने में मदद करेगा।
मान ने कहा कि महान सिख गुरुओं की शिक्षाओं के अनुरूप पंजाब सरकार राज्य की प्रगति और लोगों की समृद्धि के लिए कड़े प्रयास कर रही है।
भाषा जितेंद्र जितेंद्र पवनेश
पवनेश
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