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Friday, 24 April, 2026
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वित्त पोषण की कमी से 2023-24 में एनबीएफसी की ऋण वृद्धि हो सकती है बाधित: रिपोर्ट

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मुंबई, 14 अप्रैल (भाषा) ज्यादातर गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के बैंकों से मिलने वाले वित्त पोषण को लेकर अधिकतम सीमा तक पहुंचने के साथ चालू वित्त वर्ष में उनकी अनुमानित 16 प्रतिशत की ऋण वृद्धि प्रभावित हो सकती है।

इंडिया रेटिंग की एक रिपोर्ट में कहा गया कि एनबीएफसी को बैंकों से वित्त पोषण फरवरी 2023 में तेजी से बढ़कर 13.1 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2016-17 में 3.9 लाख करोड़ रुपये था। इस तरह इसमें 22 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि दर (सीएजीआर) से वृद्धि हो रही है। यह समग्र बैंक ऋण वृद्धि के मुकाबले दोगुना है।

बैंक वित्त पोषण की बढ़ती हिस्सेदारी ने एनबीएफसी के लिए पूंजी की कमी को दूर करने में मदद की। हालांकि, अब उन्हें 2023-24 में पूंजी के मोर्चे पर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इसमें आवासीय क्षेत्र की एनबीएफसी भी शामिल हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक इससे ऋण वृद्धि का उनका लक्ष्य प्रभावित होने की आशंका है। इससे पहले 16 प्रतिशत की दर से एनबीएफसी की ऋण वृद्धि होने का अनुमान जताया गया था।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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