नयी दिल्ली, 13 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को डॉ. भीम राव आम्बेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और सभी से भारतीय संविधान के निर्माता के आदर्शों और जीवन मूल्यों को अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि ज्ञान और विलक्षणता के प्रतीक डॉ. आम्बेडकर ने विपरीत परिस्थितियों में भी, एक शिक्षाविद्, कानूनी विशेषज्ञ, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक के रूप में महान योगदान दिया और राष्ट्र के कल्याण के लिए ज्ञान का प्रसार किया।
उन्होंने कहा, उनका मूल मंत्र- ‘वंचित समुदाय को समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए शिक्षित हों, संगठित बनो और संघर्ष करो’- हमेशा ही प्रासंगिक बना रहेगा।
राष्ट्रपति ने कहा कि कानून के शासन में उनका अटूट विश्वास और सामाजिक और आर्थिक समानता के लिए प्रतिबद्धता हमारे लोकतंत्र का संबल है।
मुर्मू ने कहा, ‘‘इस अवसर पर, आइए हम आम्बेडकर के आदर्शों और जीवन मूल्यों को अपनाने का संकल्प लें और एक समतावादी और समृद्ध राष्ट्र और समाज बनाने के लिए आगे बढ़ते रहें।”
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