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नयी दिल्ली, 13 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा संबंधी सभी पहलुओं की समीक्षा की और आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने संबंधी नीति के प्रति केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के दृढ़ संकल्प को दोहराया।
शाह ने अगले महीने श्रीनगर में होने वाली जी20 बैठक की तैयारियों की भी समीक्षा की और सभी संबंधित एजेंसियों को बैठक के सफल आयोजन के लिए समन्वय से काम करने का निर्देश दिया।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार सुरक्षा समीक्षा बैठक में, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा सहित अन्य लोगों ने भाग लिया। शाह ने बैठक में सुरक्षा से संबंधित विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की।
गृह मंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ कतई सहन नहीं करने संबंधी नीति (जीरो टॉलरेंस) के प्रति मोदी सरकार के दृढ़ संकल्प को दोहराया।
शाह ने जम्मू कश्मीर में क्षेत्र को प्राथमिकता देने वाली योजना, आतंकवाद के प्रति कतई सहन नहीं करने की नीति और कानून व्यवस्था की समीक्षा की।
उन्होंने सीमा पार घुसपैठ में कमी और कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की।
भारत मई में श्रीनगर में जी20 पर्यटन कार्यकारी समूह की बैठक की मेजबानी करेगा।
जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने छह अप्रैल को कहा था कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद अभी खत्म नहीं हुआ है, लेकिन यह कम हो रहा है क्योंकि आतंकवादियों की संख्या अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गई है।
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में 30 मार्च को एक संदिग्ध आईईडी विस्फोट से जमीन में गहरा गड्ढा हो गया था।
पिछले कुछ वर्षों में जम्मू-कश्मीर में निशाना बनाकर कई हत्याएं हुई हैं।
सरकार ने संसद को बताया था कि संविधान के अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद अगस्त, 2019 से जुलाई 2022 तक संघ शासित प्रदेश में पांच कश्मीरी पंड़ितों और 16 अन्य हिन्दुओं एवं सिखों सहित 118 आम नागरिक मारे गए हैं।
सूत्रों ने बताया कि बैठक में शामिल होने वालों में केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला, डीजीपी दिलबाग सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
भाषा
देवेंद्र माधव
माधव
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