मुंबई, 13 अप्रैल (भाषा) भारतीय कंपनियों की आय वृद्धि 2022-23 की चौथी तिमाही (जनरवरी-मार्च) में पिछले वित्त वर्ष में समान अवधि की तुलना में आधी रहने का अनुमान है। कंपनियों के वित्तीय परिणामों की घोषणा शुरू करने के साथ क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
एजेंसी ने कहा, “राजस्व वृद्धि वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही के 22.8 प्रतिशत से लगभग आधी होकर वित्त वर्ष 2022-23 की मार्च तिमाही में 10-12 प्रतिशत रह जाएगी।”
पूरे वित्त वर्ष 2022-23 के लिए, राजस्व में 19-21 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है, जबकि यह आंकड़ा 2021-22 में लगभग 27 प्रतिशत था। रिपोर्ट के मुताबिक परिचालन मार्जिन में तीन प्रतिशत की कमी आने की संभावना है।
क्रिसिल ने रिपोर्ट तैयार करने के लिए 47 क्षेत्रों में 300 कंपनियों का विश्लेषण किया। उसने कहा, “निर्यात क्षेत्र में जारी चुनौतियों का वृद्धि पर प्रभाव पड़ा है। इसके अलावा उच्च-आधार प्रभाव के कारण भी मार्च, 2023 तिमाही में आय वृद्धि धीमी हुई है।”
रिपोर्ट के अनुसार जिंस, कपड़ा, रत्न और आभूषण जैसे निर्यात आधारित क्षेत्रों और सूचना प्रौद्योगिकी सेवा क्षेत्र की आय घटी है।
भाषा अनुराग पाण्डेय
पाण्डेय
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