श्रीनगर, 10 अप्रैल (भाषा) पूर्व राजनयिक जे एस मुकुल ने सोमवार को कहा कि भारत ने अपनी जी20 अध्यक्षता के लिए ऐसी प्राथमिकताएं तय की हैं जिनसे ‘‘वैश्विक दक्षिण’’ को लाभ होगा।
भारत ने एक दिसंबर, 2022 को 30 नवंबर, 2023 नवंबर तक एक साल के लिए जी20 की अध्यक्षता संभाली थी।
उन्होंने केंद्रीय कश्मीर विश्वविद्यालय में ‘जी20 यूनिवर्सिटी कनेक्ट’ कार्यक्रम में मुख्य संबोधन में कहा, ‘‘ हम वैश्विक दक्षिण में अपने मित्रों को भूल नहीं सकते। यही कारण है कि प्रधानमंत्री ने भारत की अध्यक्षता का एजेंडा तय करने के लिए 125 देशों के साथ डिजिटल सम्मेलन किया। बतौर मेजबान, भारत ने वैश्विक दक्षिण के संगठनों एवं देशों को आमंत्रित किया है। यह प्राथमकिताओं को दर्शाता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अतुल्य भारत को लोकतंत्र की जननी’’ के रूप में प्रदर्शित करने के लिए देश के 50 शहरों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन तय किया गया है।
नीदरलैंड में भारत के राजदूत रहे मुकुल ने कहा कि अपनी अध्यक्षता के लिए भारत द्वारा तैयार किये गये ध्येय-बिंदुओं में हरित विकास एवं जलवायु परिवर्तन पर नियंत्रण सूची में शीर्ष पर हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ वैश्विक दक्षिण को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए तकनीकी सहयोग एवं वित्तीय सहायता की जरूरत है । विकसित देश जलवायु परिवर्तन पर नियंत्रण की खातिर एक साल के लिए 100 अरब डॉलर देने पर सहमत हो गये हैं। यह एक ऐसा क्षेत्र होगा जहां भारत का प्रभाव होगा।’’
भाषा राजकुमार अविनाश
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