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Saturday, 25 April, 2026
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दाऊदी बोहरा उत्तराधिकार विवाद पर बंबई उच्च न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रखा

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मुंबई, पांच अप्रैल (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने दाऊदी बोहरा समुदाय के नेता के रूप में सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन की नियुक्ति को चुनौती देने वाले 2014 के एक मुकदमे पर सुनवाई बुधवार को पूरी कर ली और आदेश सुरक्षित रख लिया।

मुकदमा शुरू में खुजैमा कुतुबुद्दीन द्वारा दायर किया गया था, जब उनके भाई और बोहरा समुदाय के तत्कालीन प्रमुख सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन का जनवरी 2014 में 102 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। बुरहानुद्दीन के दूसरे बेटे मुफद्दल सैफुद्दीन ने सैयदना के रूप में पदभार संभाला था।

कुतुबुद्दीन ने अपनी याचिका में अदालत से अपने भतीजे सैफुद्दीन को सैयदना के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने से रोकने का अनुरोध किया था।

उन्होंने दावा किया था कि उनके भाई बुरहानुद्दीन ने उन्हें ‘मजून’ (उत्तराधिकारी) नियुक्त किया था और 10 दिसंबर, 1965 को मजून की घोषणा से पहले एक गुप्त ‘नास’ (उत्तराधिकार सम्मेलन) के माध्यम से उन्हें निजी तौर पर अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया था।

हालांकि, 2016 में, कुतुबुद्दीन का निधन हो गया, जिसके बाद उच्च न्यायालय ने उनके बेटे ताहिर फखरुद्दीन को मुकदमे में वादी के रूप में स्थानापन्न करने की अनुमति दी। फखरुद्दीन ने दावा किया था कि उनके पिता ने मरने से पहले उन्हें इस पद पर नियुक्त किया था।

न्यायमूर्ति गौतम पटेल की एकल पीठ ने बुधवार को मामले में अंतिम दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया।

भाषा

जोहेब नेत्रपाल

नेत्रपाल

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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