नयी दिल्ली, चार अप्रैल (भाषा) इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हरित इस्पात उत्पादन से संबद्ध विभिन्न पहलुओं को लेकर उपायों की पहचान करने और पर्यावरण अनुकूल विनिर्माण प्रक्रिया अपनाने के लिये 13 कार्यबलों के गठन को मंजूरी दी है।
मंत्री ने कहा कि ये कार्यबल कच्चे माल, प्रौद्योगिकी और नीतिगत पहल सहित हरित इस्पात उत्पादन के विभिन्न पहलुओं पर गौर करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘हम भारत में पर्यावरण अनुकूल तरीके से इस्पात विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये प्रतिबद्ध हैं। कार्यबलों की स्थापना इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।’’
सिंधिया के हवाले से आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘‘हमारा मानना है कि हरित इस्पात उत्पादन को अपनाने से न केवल पर्यावरण को लाभ होगा बल्कि नये रोजगार सृजित होंगे और आर्थिक वृद्धि को गति मिलेगी।’’
कार्यबल में इस्पात उद्योग से जुड़े विभिन्न पक्ष, शिक्षाविद और सरकारी अधिकारी शामिल होंगे।
मंत्री ने यह भी कहा कि इस्पात उत्पादकों को अपनी कोयले की अशुद्धता दूर करने की इकाइयों (वॉशरीज) की क्षमता बढ़ाने की जरूरत है ताकि कोयले के लिये आयात पर निर्भरता कम की जा सके।
उन्होंने कंपनियों को कोयले के आयात के लिये नये स्रोतों की संभावना तलाशने का भी सुझाव दिया।
भाषा
रमण अजय
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