नयी दिल्ली, चार अप्रैल (भाषा) रियल एस्टेट कंपनियों के संगठन नारेडको की उत्तर प्रदेश इकाई ने राज्य सरकार से केंद्र और हरियाणा की तरह विवाद समाधान योजना लाने का आग्रह किया है, ताकि नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बिल्डर विकास प्राधिकरणों को अपने जमीन बकाया का निपटान कर सकें।
सोमवार को नारेडको-उप्र के अध्यक्ष आर के अरोड़ा ने उप्र सरकार के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी) मनोज कुमार सिंह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने लंबित भूमि बकाया के मुद्दे पर चर्चा की। साथ ही उन्होंने हरियाणा की ‘समाधान से विकास’ और केंद्र की ‘विवाद से विश्वास’ योजना के समान एक समाधान नीति लाने का अनुरोध किया।
नारेडको ने सिंह के समक्ष प्रस्तुतीकरण में कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के विकास प्राधिकरणों ने भूमि के बकाया की वसूली को बिल्डरों के खिलाफ भू आवंटन रद्द करने जैसे ‘‘जबरिया’’ कदम उठाए हैं।
उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल नवंबर में 10 जून, 2020 के अपने उस आदेश को वापस ले लिया था जिसमें बिल्डरों को लीज/पट्टे पर दी गई जमीन के बकाये पर ब्याज की दर आठ प्रतिशत तय की गई थी। न्यायालय के आदेश से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बिल्डरों को झटका लगा था।
भाषा रिया अजय
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