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Sunday, 22 March, 2026
होमदेशअसम : राहुल की अयोग्यता के विरोध में आयोजित कांग्रेस के सत्याग्रह में शामिल हुईं विपक्षी पार्टियां

असम : राहुल की अयोग्यता के विरोध में आयोजित कांग्रेस के सत्याग्रह में शामिल हुईं विपक्षी पार्टियां

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गुवाहाटी, 26 मार्च (भाषा) कांग्रेस की असम इकाई ने रविवार को पार्टी नेता राहुल गांधी को मानहानि के मामले में सजा सुनाए जाने के बाद लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दिए जाने के खिलाफ यहां ‘संकल्प सत्याग्रह’ का आयोजन किया जिसमें ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) छोड़कर सभी विपक्षी पार्टियां शामिल हुईं।

एआईयूडीएफ ने अलग से संवाददाता सम्मेलन कर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के खिलाफ की गई कार्रवाई की निंदा की और इसे ‘‘लोकतंत्र और संविधान पर हमला’’ करार दिया।

कांग्रेस नेता के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार द्वारा की गई कथित कार्रवाई के खिलाफ आयोजित राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन के तहत सैकड़ों की संख्या में पार्टी कार्यकर्तओं ने एक दिवसीय प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

रायजोर दल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी – मार्क्सवादी लेनिनवादी (भाकपा-माले), असम जातीय परिषद, आम आदमी पार्टी (आप) और तृणमूल कांग्रेस सहित सभी 10 विपक्षी पार्टियों के प्रतिनिधियों ने कांग्रेस के समर्थन में ‘सत्याग्रह’ में हिस्सा लिया।

केरल की वायनाड संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे राहुल गांधी को सूरत की एक अदालत द्वारा 2019 के मानहानि के एक मामले में दो साल जेल की सजा सुनाये जाने के मद्देनजर शुक्रवार को उन्हें लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहरा दिया गया। अगर उच्च अदालत सजा को स्थगित नहीं करती तो चार बार के सांसद राहुल गांधी आठ साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।

प्रदर्शन स्थल पर लोगों को संबोधित करते हुए असम प्रदेश कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने कहा, ‘‘यह सुबह ही हमने शुरू किया है। 12 घंटों के भीतर आज हम 11 पार्टियों को एकजुट करने में सफल हुए। मुझे भरोसा है कि हम इसी संकल्प के साथ काम करें और जनता साथ दे तो भाजपा को सत्ता से उखाड़ फेकेंगे।’’

बोरा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार द्वारा ‘लोकतंत्र के लिए पैदा किए जा रहे खतरे’ के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए गुवाहाटी में पार्टी जनसभा आयोजित करेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रत्येक जिले, ब्लॉक में लोगों को मौजूदा शासन से लोकतंत्र पर उत्पन्न खतरे के प्रति जागरूक करेंगे। हम प्रत्येक स्थान पर जनसभा करेंगे और जल्द इस मुद्दे पर गुवाहाटी में विशाल रैली करेंगे।’’

एआईयूडीएफ के साथ कांग्रेस के गठबंधन के विरोधी रहे बोरा ने कहा कि उक्त पार्टी को रविवार के कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया था।

असम विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देबब्रत सैकिया ने राहुल गांधी के खिलाफ की गई कार्रवाई को ‘लोकतंत्र की हत्या करने की कोशिश ’ करार दिया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लोकतंत्र ऐसा है जो सभी राजनीतिक पार्टियों को साथ काम करने की अनुमति देता है। लेकिन भाजपा नीत सरकार लोकतंत्र की इस मूल भावना की हत्या करना चाहती है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्षी नेताओं के खिलाफ दर्ज 20-30 साल पुराने मामलों को खंगाल रही है और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को इनके खिलाफ इस्तेमाल कर रही हैं।

रायजोर दल के प्रमुख और विधायक अखिल गोगोई ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधी का सामना करने की हिम्मत खो दी है और इसलिए उन्होंने (मोदी) सुनिश्चित करने की कोशिश की वह (गांधी) संसद में वापसी नहीं करें।

उन्होंने संभवत : भाजपा के उद्योगपति अडाणी से कथित संबंध होने के विपक्ष का आरोपों का संदर्भ देते हुए कहा, ‘‘पहली बार विपक्षी पार्टियों ने उनकी (भाजपा) दुखती रग पर निशाना साधा है जहां से उन्हें धन प्राप्त होता है।’’

राज्यसभा सदस्य अजित कुमार भुइयां ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोला और दावा किया कि भाजपा शासन अब ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगा।

साहित्यकार डॉ.हिरेन गोहाईं ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया और दावा किया कि सरकार ने गांधी के खिलाफ कार्रवाई की क्योंकि जनता उनकी बातों पर ध्यान दे रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी मजबूत भूमिका में उभर रहे हैं, जनता उनको सुन रही है और इससे वे चिंतित है। उन्होंने प्रधानमंत्री की अडाणी से करीबी के दस्तावेज दिखाए हैं।’’

इस बीच, एआईयूडीएफ के विधायक अमिनुल इस्लाम ने यहां पार्टी कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राहुल गांधी को सुनाई गई सजा गलत नजीर बन सकती है।

उन्होंने कहा, ‘‘मानहानि के मामले में किसी को दो साल से अधिक की सजा नहीं सुनाई गई है। यह पहली बार है जब इतनी लंबी सजा सुनाई गई है।यह गलत नजीर पेश कर सकती है।’’

इस्लाम ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई ‘‘ लोकतंत्र और संविधान पर हमला है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह सरकार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के जरिये विपक्ष की आवाज को कुचलने की कोशिश कर रही है, जैसा हमने (दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री) मनीष सिसोदिया, राहुल गांधी और अखिल गोगोई के मामले में देखा। अब लोकतंत्र सुरक्षित नहीं है।

भाषा धीरज नरेश

नरेश

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यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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