नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि उच्चतम न्यायालय विधिज्ञ परिषद (एससीबीए) वकीलों के कक्ष बनाने के वास्ते, शीर्ष अदालत के लिए आवंटित भूखंड पर पूरा अधिकार नहीं जता सकती।
शीर्ष अदालत उच्चतम न्यायालय बार काउंसिल (एससीबीए) की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें अदालत को आवंटित 1.33 एकड़ भूमि को वकीलों के कक्ष के निर्माण के लिए देने का अनुरोध किया गया है।
प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि संसाधनों के आवंटन पर एक समग्र दृष्टिकोण अपनाना होगा। उसने कहा कि न्यायिक पक्ष पर इस तरह के निर्देश जारी नहीं किए जा सकते।
न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा भी इस पीठ में शामिल हैं।
पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत प्रशासनिक पक्ष पर निर्णय लेगी और उसने विधिज्ञ निकायों को अभ्यावेदन देने के लिए कहा।
भाषा सिम्मी मनीषा
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