नयी दिल्ली, 21 मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की निंदा करते हुए मंगलवार को आरोप लगाया कि वह ‘‘सस्ते प्रचार’’ और अपनी स्वयं की गलतियों को छिपाने के लिए दिल्ली सरकार के बजट को लेकर विवाद खड़ा कर रहे हैं।
भाजपा की दिल्ली इकाई के कार्यवाहक अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि केजरीवाल दिल्ली सरकार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों से ध्यान हटाने के लिए केंद्र और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगा रहे हैं।
सचदेवा ने कहा, ‘‘केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार गृह मंत्रालय द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरण को तीन दिनों तक दबाकर बैठी रही और फिर केंद्र पर बजट रोकने का आरोप लगाया।’’
केजरीवाल ने सोमवार को आरोप लगाया था कि केंद्र ने उनकी सरकार के बजट पेश करने पर रोक लगा दी है।
दिल्ली का बजट मंगलवार को विधानसभा में पेश किया जाना था और इसके लिए केंद्र की पूर्व मंजूरी जरूरी है। केंद्र ने अंतत: बजट को मंजूरी दे दी, जिससे बुधवार को विधानसभा में पेश करने का मार्ग प्रशस्त हो गया।
इससे पहले दिन में विधानसभा को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने केंद्र और उपराज्यपाल कार्यालय पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने अहंकार की संतुष्टि के लिए यह मुद्दा उठाया कि दिल्ली सरकार उनके आगे झुक जाए।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने उनके सवालों का जवाब दिया और बजट में कोई अन्य बदलाव नहीं किया गया और अब इसे मंजूरी दे दी गई है। इससे पता चलता है कि पूरी चीज अहंकार की संतुष्टि के लिए बनाई गई थी।’’
सचदेवा ने कहा कि केजरीवाल का भड़कना और विधानसभा में उनके द्वारा ‘अपमानजनक’ शब्दों के इस्तेमाल से पता चलता है कि वह ‘हताश’ हैं और अपनी सरकार के ‘भ्रष्टाचार’ से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह नहीं बताया कि उनकी सरकार तीन दिनों तक बजट की फाइल को क्यों दबाए बैठी रही और उपराज्यपाल को वह पहले क्यों नहीं भेजी।
उन्होंने कहा, ‘‘फाइल सोमवार रात साढ़े नौ बजे उपराज्यपाल के पास भेजी गई और अगले 12 घंटे में केंद्र ने इसे मंजूरी दे दी।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पता चलता है कि केजरीवाल ‘निम्न स्तर की राजनीति’ करके और ‘निराधार’ आरोप लगाकर केवल केंद्र सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
भाषा अमित अमित पवनेश
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