नयी दिल्ली, 21 मार्च (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पर भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को बचाने की कोशिश करने का मंगलवार को आरोप लगाया। इंटरपोल के रेड नोटिस डेटाबेस से चोकसी का नाम हटाने के बाद ‘आप’ ने यह टिप्पणी की है।
चोकसी पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 13 हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में वांछित है। वह 2018 में भारत से फरार होने के बाद एंटीगुआ एवं बारबुडा में रह रहा है।
‘आप’ के राज्यसभा सदस्य और प्रवक्ता राघव चड्ढा ने दावा किया कि चोकसी का नाम इंटरपोल के रेड नोटिस से हटा दिया गया है क्योंकि भारतीय जांच एजेंसियां उस पर लगाए गए आरोपों को लेकर ‘ठोस सबूत’ देने में नाकाम रही हैं।
चड्ढा ने आरोप लगाया कि चोकसी एंटीगुआ की नागरिकता हासिल करने में इसलिए कामयाब हुआ क्योंकि केंद्र सरकार ने इसके लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किया था।
चड्ढा ने एक प्रेस वार्ता में कहा, “ भाजपा भगोड़े मेहुल चोकसी के साथ सम्मानपूर्ण व्यवहार कर रही है और उसे बचाने की कोशिश कर रही है।”
आप नेता ने आरोप लगाया, “ भारत सरकार ने मेहुल चोकसी को पहले एंटीगुआ का नागरिक बनने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया जबकि प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो उसके खिलाफ ठोस सबूत देने में विफल रहे, जिस वजह से उसका नाम रेड नोटिस सूची से हटा दिया गया।”
सूत्रों के मुताबिक फ्रांस के लियोन शहर स्थित इंटरपोल के मुख्यालय में चोकसी द्वारा दायर याचिका के आधार पर यह कदम उठाया गया है।
भाषा नोमान नोमान
अविनाश
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
