चंडीगढ़/डिब्रूगढ़, 19 मार्च (भाषा) पंजाब में पुलिस ने रविवार को कई इलाकों में फ्लैग मार्च किया और कट्टरपंथी उपदेशक अमृतपाल सिंह को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने अमृतपाल के 34 और समर्थकों को गिरफ्तार किया है और उसके चार करीबी सहयोगियों को असम की जेल में भेजा है।
इस बीच, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने बंदी प्रत्यक्षण याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से मंगलवार तक जवाब तलब किया। याचिका में दावा किया गया है कि उपदेशक को पहले ही पुलिस गैर कानूनी तरीके से अपनी हिरासत में ले चुकी है और उसे रिहा किया जा चाहिए।
न्यायमूर्ति एन एस शेखावत ने रविवार की वजह से अदालत बंद होने के कारण अपने आवास स्थित कार्यालय में मामले की सुनवाई की।
इस बीच, पुलिस अपने दावे पर कायम है कि ‘वारिस पंजाब दे’ प्रमुख जालंधर जिले में शनिवार को कार का पीछा करने के दौरान फरार हो गया था। पुलिस ने शनिवार को ही अमृतपाल और उसके संगठन के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की थी। वहीं, पुलिस ने खालिस्तान समर्थक अमृतपाल और उसके समर्थकों के खिलाफ नए मामले दर्ज किए हैं।
प्रशासन ने पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में लोगों के जमा होने से रोकने के लिए रविवार को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की। पंजाब के कुछ हिस्सों में पहले से ही निषेधाज्ञा लागू है।
पुलिस ने मामले में दूसरा वाहन बरामद किया है जो जालंधर जिले के सलेमा गांव में लावारिस हालात में मिला और उसमें बंदूक, तलवार और कई जिंदा कारतूस मिले हैं। पुलिस ने कहा कि प्रतीत होता है कि यह वाहन अमृतपाल के काफिले का हिस्सा था।
अमृतपाल के खिलाफ यह कार्रवाई अमृतसर के नजदीक अजनाला थाने की घटना के कई हफ्तों बाद की गई है। अजनाला थाने को अमृतपाल समर्थकों ने घेर लिया था और पुलिस को यह आश्वासन देने को मजबूर किया था कि उनके एक साथी को रिहा कर दिया जाएगा।
अमृतपाल सिंह के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के विरोध में लुधियाना के बोपराई कलां कस्बे में प्रदर्शन की कोशिश कर रहे उसके कम से कम 21 समर्थकों को हिरासत में लिया गया।
हिरासत में लिए गए ये लोग शनिवार को पुलिस द्वारा गिरफ्तार 78 और रविवार को गिरफ्तार 34 अन्य अमृतपाल समर्थकों में संभवत: शामिल नहीं है। इससे पहले पुलिस ने बताया था कि नौ हथियार बरामद किए गए हैं।
पंजाब में हाई अलर्ट है और सुरक्षा बलों ने फिरोजपुर, बठिंडा, रूपनगर, फरीदकोट, बटाला, फाजिल्का, होशियारपुर, गुरदासपुर, मोगा और जालंधर सहित कई इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला।
पंजाब सरकार ने मोबाइट इंटरनेट व एसएमएस सेवा पर लगी रोक सोमवार दोपहर तक बढ़ा दी। आधिकारिक आदेश में कहा गया कि इस पाबंदी से बैंकिंग सेवा को छूट दी गई है। आदेश में कहा गया कि ‘‘हिंसा के लिए उकसावे या शांति और कानून व्यवस्था को भंग होने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।’’
असम पुलिस के अधिकारी ने बताया कि पंजाब से गिरफ्तार चार आरोपियों को असम लाया गया है जिन्हें लेकर आम आदमी पार्टी शासित पंजाब की 27 सदस्यीय टीम असम पहुंची।
असम पुलिस के अधिकारी ने बताया कि दलजीत सिंह कलसी, भगवंत सिंह, गुरमीत सिंह और पी. बजेका को अब डिब्रूगढ़ केंद्रीय कारागार में रखा जाएगा।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि उनका राज्य जेल में आवश्यक सुरक्षा मुहैया कराएगा। उन्होंने कहा, ‘‘कई बार किसी एक राज्य में गिरफ्तार व्यक्ति को दूसरे राज्य की जेल में भेजा जाता है। हम सभी आवश्यक सुरक्षा जेल में मुहैया कराएंगे।’’
अजनाला की घटना के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इससे कुछ दिन पहले अमृतपाल सिंह ने अमित शाह को भी धमकी दी थी।
इस बीच, अमृतसर में अमृतपाल के पैतृक गांव जल्लूपुर खेड़ा में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई। अमृतपाल के पिता तरसेम सिंह ने आरोप लगाया है कि उसके बेटे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उसकी जान को खतरा है।
तरसेम सिंह ने कहा, ‘‘(उसके बारे में) कल से कोई जानकारी नहीं है। हमें लग रहा है कि उसे पहले ही हिरासत में लिया जा चुका है।’’
पंजाब के पुलिस महानिरीक्षक सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि अमृतपाल अब भी फरार है। उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब पुलिस कानून के तहत कार्रवाई कर रही है।’’
उन्होंने बताया कि पुलिस ने पारदर्शी तरीके से कार्य किया और अमृतपाल सिंह मेहतपुर में उसके लिए लगाए गए ‘नाका’ से फरार हो गया।
जालंधर के पुलिस आयुक्त कुलदीप सिंह चहल ने इसे ‘चोर सिपाही’ का खेल करार दिया। उन्होंने कहा, ‘‘कई बार वे भागने में सफल होते हैं, लेकिन हम उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लेंगे।’’ चहल ने दावा किया कि शनिवार को पुलिस से कोई ‘चूक’ नहीं हुई।
उन्होंने कहा, ‘‘उसके (अमृतपाल) वाहन का 20 से 25 किलोमीटर तक पीछा किया गया। वह (उसका वाहन) आगे था और स्वाभाविक रूप से, उसे इसका लाभ मिला। संकरी गलियां थीं और वह किसी तरह अपना वाहन बदलकर भाग गया।’’
उन्होंने बताया कि अबतक उसके दो वाहनों को जब्त किया गया है।
पुलिस ने अब अमृतपाल और उसके समर्थकों के खिलाफ जालंधर में पुलिस नाका तोड़ने और एक गांव में लावारिस हालात में मिले वाहन से हथियार बरामद होने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है।
अमृतसर (देहात) के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सतिंदर सिंह ने कहा कि अमृतपाल के सात साथियों को शस्त्र अधिनियम के तहत शनिवार रात को गिरफ्तार किया गया है।
पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि कानून-व्यवस्था नियंत्रण में है और अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि वह विभिन्न देशों, राज्यों और शहरों से प्रसारित फर्जी खबरों की निगरानी कर रही है।
उल्लेखनीय है कि 23 फरवरी को अमृतपाल और उसके समर्थकों ने तलवारें और बंदूकें लहराते हुए अवरोधकों को तोड़ दिया था और अमृतसर शहर के बाहरी इलाके में अजनाला थाना में घुस गए थे। वे सभी अमृतपाल के एक सहयोगी की रिहाई की मांग कर रहे थे।
अमृतपाल और उसके समर्थकों पर द्वेष फैलाने, हत्या की कोशिश, पुलिस पर हमला और सरकारी कर्मचारी को अपना काम करने से रोकने का आरोप लगाया गया है। अजनाला की घटना में पुलिस अधीक्षक सहित छह पुलिस कर्मी घायल हो गए थे।
पंजाब की विपक्षी पार्टियों ने पंजाब की ‘आप’ सरकार पर कानून व्यवस्था के मोर्चे पर असफल होने का आरोप लगाया और आशंका जताई कि पंजाब दोबारा से आतंकवाद के दौर में लौट सकता है।
भाषा धीरज आशीष
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