नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) सरकार ने शुक्रवार को कहा कि ‘सागर परिक्रमा’ का चौथा चरण शनिवार से शुरू होगा। इसका उद्देश्य मछुआरों और अन्य अंशधारकों की समस्याओं को हल करना और कर्नाटक के तीन तटीय जिलों को इसके तहत लाते हुए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनको आर्थिक उत्थान की सुविधा प्रदान करना है।
इस दो दिन यात्रा के दौरान प्रगतिशील मछुआरों विशेष रूप से तटीय मछुआरों को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई), किसान क्रेडिट कार्ड और राज्य योजनाओं से संबंधित प्रमाण पत्र/स्वीकृति प्रदान की जाएगी।
मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अनुसार, सागर परिक्रमा कार्यक्रम का चौथा चरण 18-19 मार्च तक होगा। यह उत्तर कन्नड़, उडुपी और दक्षिण कन्नड़ जिलों के विस्तार को अपने दायरे में लेगा।
केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला और राज्यमंत्री के अलावा अधिकारी और बाकी अंशधारक इस कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।
वित्त वर्ष 2021-22 में देश के कुल मछली उत्पादन में कर्नाटक का हिस्सा 6.6 प्रतिशत रहा था। कुल मछली उत्पादन में कर्नाटक तीसरे स्थान पर है।
भारत के पास 8,118 किलोमीटर की तटरेखा है, जो नौ समुद्री राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों को छूती है। यह 28 लाख तटीय मछुआरों को आजीविका सहायता प्रदान करती है।
भारत मछली के वैश्विक उत्पादन में आठ प्रतिशत का योगदान देता है और दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक है।
भाषा राजेश राजेश अजय
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