नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) विदेशी वकीलों और विधि कंपनियों को भारत में कुछ क्षेत्रों में काम करने की अनुमति देने के ‘बार काउंसिल ऑफ इंडिया’ के फैसले से विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों ने यह उम्मीद जताई।
बार काउंसिल ने विदेशी वकीलों और विधि फर्मों को विदेशी कानून, अंतरराष्ट्रीय कानूनी मुद्दों और मध्यस्थता मामलों जैसे क्षेत्रों में करने करने की अनुमति देने का फैसला किया है।
शीर्ष बार निकाय ने भारत में विदेशी वकीलों और विदेशी विधि फर्मों के पंजीकरण और विनियमन के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया नियम, 2022 को अधिसूचित किया है।
इंडसलॉ के संस्थापक भागीदार कार्तिक गणपति ने कहा कि व्यापार बाधाओं में ढील और अर्थव्यवस्था को अधिक खुला बनाने से विदेशी निवेशकों को राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा, ”…. हम निश्चित रूप से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में वृद्धि की उम्मीद करेंगे।”
टीएमटी लॉ प्रैक्टिस के प्रबंध भागीदार अभिषेक मल्होत्रा ने कहा कि कानूनी सेवा क्षेत्र को विदेशी फर्मों के लिए खोलने पर बातचीत लंबे समय से चल रही थी। यह निश्चित रूप से एक देर से लिया गया, लेकिन स्वागतयोग्य और महत्वपूर्ण कदम है।
भाषा पाण्डेय अजय
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