(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने कथित आबकारी घोटाले को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे की मांग करते हुए सोमवार को राजघाट पर धरना दिया और मौन व्रत रखा।
भाजपा की दिल्ली इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी और पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी की समाधि पर विरोध प्रदर्शन के दौरान केजरीवाल सरकार की ‘सद्बुद्धि’ के लिए भगवान से प्रार्थना भी की।
दिल्ली में आबकारी नीति 2021-22 के क्रियान्वयन में कथित अनियमितता के मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद भाजपा ने केजरीवाल सरकार पर हमला तेज कर दिया है।
आबकारी नीति 2021-22 के नियमों के कथित उल्लंघन और इसके क्रियान्वयन में खामियों की उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना द्वारा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच की सिफारिश के बाद दिल्ली सरकार ने पिछले साल यह नीति वापस ले ली थी।
धरने के दौरान केजरीवाल के बयानों पर आधारित एक छोटी वीडियो फिल्म भी दिखाई गई।
सचदेवा ने कथित आबकारी घोटाले के एक आरोपी का जिक्र करते हुए कहा, “अब केजरीवाल को विजय नैय्यर के साथ अपने रिश्ते को स्वीकार करने में शर्म आ रही है, जिसे वह कुछ महीने पहले तक गले लगाया करते थे।”
सचदेवा ने कहा कि राजघाट एक पवित्र स्थान है और यह बड़े अफसोस की बात है कि केजरीवाल और उनके सहयोगी भ्रष्टाचार करने के बाद यहां आए और अपनी करतूतों पर पर्दा डालने की कोशिश की।
केजरीवाल ने होली पर राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद “देश की बेहतरी” के लिए पूजा की थी। उन्होंने दावा किया था कि अच्छा काम करने वालों को गिरफ्तार किया जा रहा है जबकि देश को लूटने वाले भाग रहे हैं।
भाषा जोहेब प्रशांत
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