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Monday, 30 March, 2026
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एनजीटी ने हरियाणा में ‍अवैध रूप से भूजल निकालने के मामले में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी

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नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने हरियाणा के रेवाड़ी जिले के औद्योगिक शहर बावल में ‘मित्सुई किंगजोकू कंपोनेंट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा कथित तौर पर अवैध रूप से भूजल निकालने के मामले में एक समिति से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।

एनजीटी एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें दावा किया गया है कि परियोजना प्रस्तावक (पीपी) केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) के अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की शर्तों का उल्लंघन कर रहा है, जिसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि कितनी मात्रा में भूजल निकाला जा सकता है।

याचिका में कहा गया है कि कि सीजीडब्ल्यूए ने पहले ही क्षेत्र को ‘अत्यधिक दोहन वाले क्षेत्र’ के रूप में वर्गीकृत कर रखा है।

एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए.के. गोयल की पीठ ने कहा कि याचिका के अनुसार, पिछले साल नवंबर में अधिकरण के पहले के आदेश में सीजीडब्ल्यूए को निर्देश दिया गया था कि वह पीपी द्वारा शर्तों का पालन नहीं किए जाने के संबंध में उपचारात्मक कार्रवाई करे, जिसमें परियोजना लागत के 0.5% के बराबर मुआवजा वसूलना भी शामिल है। पीठ ने कहा, “हमें सीजीडब्ल्यूए, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) और जिला मजिस्ट्रेट, रेवाड़ी की एक संयुक्त समिति से मामले में तथ्यात्मक रिपोर्ट चाहिए।”

पीठ ने कहा कि रिपोर्ट दो महीने के अंदर सौंपी जानी चाहिए। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस मामले में समन्वय और अनुपालन के लिए नोडल एजेंसी होगा।

मामले को 10 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया गया है।

भाषा जोहेब मनीषा

मनीषा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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