गुवाहाटी, आठ मार्च (भाषा) पाकिस्तानी एजेंटों को कथित तौर पर सिम कार्ड मुहैया कराने के आरोप में असम के मोरीगांव और नागांव जिलों से पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के एक प्रवक्ता ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड और हैंडसेट समेत कई दूसरी सामाग्रियां जब्त की गई हैं जिनका इस्तेमाल एक विदेशी दूतावास के साथ रक्षा संबंधी सूचनाएं साझा करने के लिए किया जाता था।
असम पुलिस के प्रवक्ता प्रशांत भुइंयां ने कहा कि खुफिया ब्यूरो और दूसरे सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर मंगलवार रात चलाए गए अभियान के दौरान ये गिरफ्तारियां की गईं।
उन्होंने बताया, ‘‘ऐसी जानकारी मिली थी कि इन दो जिलों में करीब 10 लोगों ने फर्जीवाड़ा कर सिम कार्ड खरीदे और कुछ पाकिस्तान एजेंट को मुहैया कराए। यह देश की अखंडता और संप्रभुता के खिलाफ काम है।’’
भुइंयां ने कहा कि मंगलवार रात पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान आशिकुल इस्लाम, बदरुद्दीन, मिजानुर रहमान, बहारुल इस्लाम और वहीदुज्जमां के रूप में हुई है। इनमें बहारुल इस्लाम मोरीगांव जिले का निवासी है और शेष सभी नगांव के रहने वाले हैं।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों और पांच फरार लोगों के मकानों से 18 मोबाइल फोन, 136 सिम कार्ड, एक फिंगरप्रिंट स्कैनर, एक हाईटेक सीपीयू और कुछ दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि आशिकुल इस्लाम दो ‘आईएमईआई’ नंबर वाले मोबाइल हैंडसेट का इस्तेमाल कर रहा था। इससे व्हाट्सअप कॉल की गई और एक विदेशी दूतावास के साथ रक्षा संबधी सूचना साझा की गई।
प्रवक्ता ने कहा, “ उसके कब्जे से वह मोबाइल फोन बरामद हो गया है। पकड़े गए अन्य लोग भी इसमें तकनीकी रूप से शामिल पाए गए। विस्तृत पूछताछ की जा रही है।”
नगांव की पुलिस अधीक्षक लीना डोले ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पांच फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए अभियान जारी है। गिरोह में और लोग शामिल थे या नहीं इसका पता बाद में चलेगा।
डोले ने मामले में शामिल केंद्रीय एजेंसी की पहचान जाहिर करने से इनकार कर दिया और कहा कि असम पुलिस की विभिन्न एजेंसियां नगांव पुलिस और केंद्रीय एजेंसी के साथ मिलकर काम कर रही हैं।
गिरोह में और लोगों के शामिल होने की आशंका के बारे में एसपी ने कहा, “जब हम बाकी पांच आरोपियों को गिरफ्तार करेंगे तो चीजें साफ हो जाएंगी। उन्हें पकड़ने के लिए अभियान जारी है।”
डोले ने कहा, “वे क्या कर रहे थे, उन्हें पैसा कौन दे रहा था और अन्य विवरण गहन पूछताछ के बाद स्पष्ट होंगे।”
भाषा जोहेब वैभव
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