पणजी, आठ मार्च (भाषा) भारतीय नौसेना के हेलीकॉप्टरों ने गोवा में महादयी वन्यजीव अभयारण्य में जंगलों में पिछले पांच दिन से लगी आग की स्थिति का बुधवार सुबह आकलन किया। राज्य सरकार ने यह जानकारी दी।
राज्य के वन मंत्री विश्वजीत राणे ने कहा कि ऐसा लगता है कि पश्चिमी घाट के हिस्से और जैव विविधता से भरपूर इस क्षेत्र में आग लगाई गई है।
उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय ने आग बुझाने के लिए भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टरों के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है।
अधिकारियों ने कहा कि राज्य की अग्निशमन व आपातकालीन सेवाएं और वन विभाग के दल अब तक कई स्थानों पर लगी आग पर काबू पाने में विफल रहे हैं।
मंत्री राणे ने कहा कि नौसेना के हेलीकॉप्टरों ने बुधवार को सात से आठ उड़ान भरके सर्वेक्षण किया।
इस बीच, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सांवत ने कहा है इस घटना में किसी वन रक्षक की लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी तथा अगर किसी ने जानबूझकर ऐसा किया होगा तो उसे भी नहीं बख्शा जाएगा।
उत्तर गोवा में स्थित महादयी वन्यजीव अभयारण्य अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है और इसमें कई जगहों पर आग लगी हुई है।
सांवत ने मंगलवार रात को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्हें पिछले कुछ दिन से लगी आग के बारे में जानकारी दी गई।
सावंत ने आग पर काबू पाने के लिए हर संभव कदम उठाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि यह आशंका है कि कुछ लोगों ने जानबूझकर आग लगाई हो ताकि काजू की खेती की जा सके जो गैर कानूनी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आग लगने की वजहों का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दिए गए हैं और संबंधित वन रक्षकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
सावंत ने कहा, ‘‘अगर कोई वनरक्षक अपना कर्तव्य निर्वहन करने में असफल पाया जाता है तो उसे तत्काल निलंबित कर दिया जाएगा।’’
बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मुख्यमंत्री ने विश्वजीत राणे और विधायक दिव्या राणे के साथ प्रभावित इलाके का दौरा भी किया।
भाषा जोहेब वैभव
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