नयी दिल्ली, छह मार्च (भाषा) केंद्र ने राज्य सरकारों को जेल के कैदियों का आधार प्रमाणीकरण स्वैच्छिक आधार पर करने के लिए अधिकृत किया है, ताकि वे विभिन्न सेवाएं प्राप्त कर सकें। इन सेवाओं में स्वास्थ्य देखभाल, कौशल, व्यावसायिक प्रशिक्षण, रिश्तेदारों से मुलाकात और कानूनी सहायता शामिल है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि यह निर्णय वित्तीय और अन्य सब्सिडी के वितरण के वास्ते ‘सुशासन के लिए आधार प्रमाणीकरण (समाज कल्याण, नवाचार, ज्ञान) नियमावली’, 2020 के नियम 5 के तहत उसे अधिकृत किये जाने के बाद लिया गया है।
अधिसूचना में कहा गया है विभिन्न लाभ या सुविधाओं के वितरण के लिए हां/नहीं प्रमाणीकरण सुविधा का उपयोग करके जेल के कैदियों का स्वैच्छिक आधार पर आधार प्रमाणीकरण किया जाएगा।
भाषा अमित दिलीप
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