नयी दिल्ली, छह मार्च (भाषा) एक वकील ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख कर तमिलनाडु में प्रवासी मजदूरों पर हमलों का दावा करने वाली कथित झूठी सूचना देने के लिए राज्य पुलिस द्वारा दर्ज एक प्राथमिकी में ट्रांजिट अग्रिम जमानत देने का अनुरोध किया।
पुलिस ने बताया कि यह प्राथमिकी पेशे से वकील प्रशांत कुमार उमराव के खिलाफ दर्ज की गयी जिनके आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा गया है कि वह भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रवक्ता हैं। उमराव पर दंगे भड़काने, शत्रुता और घृणा बढ़ाने, शांति भंग करने और भड़काऊ बयान देने के लिए भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है। तमिलनाडु के थुथुकुडी केंद्रीय पुलिस थाने ने प्राथमिकी दर्ज की थी।
उच्च न्यायालय इस याचिका पर मंगलवार को सुनवाई कर सकता है।
वकील कुशल कुमार और हर्ष आहूजा के जरिए दायर याचिका में उमराव ने दावा किया कि उसने ‘टि्वटर’ पर राष्ट्रीय समाचार एजेंसियों द्वारा दी गयी खबरों के आधार पर कुछ ट्वीट किए थे जिसके बाद उनके खिलाफ गलत तरीके से प्राथमिकी दर्ज की गयी।
तमिलनाडु पुलिस ने चार मार्च को कहा था कि राज्य में प्रवासी मजदूरों पर हमलों का दावा करने वाली झूठी सूचना प्रसारित करने के आरोप में पत्रकारों समेत कई लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।
भाषा गोला माधव
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