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Tuesday, 3 March, 2026
होमखेलआईसीसी की ‘‘खराब’’ रेटिंग के बाद एमपीसीए अध्यक्ष बोले,‘‘इंदौर की पिच ने टेस्ट मैच का नतीजा दिया है’’

आईसीसी की ‘‘खराब’’ रेटिंग के बाद एमपीसीए अध्यक्ष बोले,‘‘इंदौर की पिच ने टेस्ट मैच का नतीजा दिया है’’

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इंदौर, तीन मार्च (भाषा) मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ (एमपीसीए) के एक शीर्ष पदाधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तीसरे टेस्ट के लिए इस्तेमाल होलकर स्टेडियम की पिच ने इस मुकाबले का नतीजा दिया है और यह पिच भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के क्यूरेटरों के निर्देशों के मुताबिक ही तैयार की गई थी।

एमपीसीए अध्यक्ष अभिलाष खांडेकर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा इस पिच को ‘‘खराब’’ करार दिए जाने के बाद बयान दिया। फिरकी गेंद के घातक वार से ‘बल्लेबाजों की कब्रगाह’ साबित हुई इस पिच पर मेजबान भारत को टेस्ट मैच के तीसरे दिन ऑस्ट्रेलिया के हाथों नौ विकेट से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी।

खांडेकर ने ‘‘पीटीआई-भाषा’’ से कहा,‘‘मुझे पता चला है कि इस पिच को आईसीसी ने खराब करार दिया है। हालांकि, मैंने पिच को लेकर आईसीसी की रेटिंग का विस्तृत ब्योरा नहीं देखा है। लेकिन मेरा कहना है कि इस पिच ने टेस्ट मैच का नतीजा दिया है।’’

क्रिकेट के गलियारों में इंदौर की पिच की तीखी आलोचना के बीच एमपीसीए अध्यक्ष याद दिलाना नहीं भूले कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच नागपुर और दिल्ली में खेले गए दो शुरुआती टेस्ट मैच भी पूरे पांच दिन नहीं चल सके थे।

खांडेकर ने कहा कि होलकर स्टेडियम की पिच बीसीसीआई के पिच क्यूरेटरों के दिशा-निर्देशों के मुताबिक बनाई गई थी जिन्होंने मुकाबले के करीब आठ दिन पहले होलकर स्टेडियम पहुंचकर मैदान का मुआयना किया था।

सूत्रों ने बताया कि बीसीसीआई के दो क्यूरेटरों-आशीष भौमिक और तापस चटर्जी ने भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट से पहले, स्टेडियम का मुआयना किया था।

सूत्रों के मुताबिक होलकर स्टेडियम में काली और लाल, दोनों तरह की मिट्टियों की पिच हैं, लेकिन भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट के लिए काली मिट्टी की पिच इस्तेमाल करने का फैसला किया गया था।

जानकारों के मुताबिक आमतौर पर क्रिकेट की गेंद, लाल मिट्टी की पिच की तुलना में काली मिट्टी की पिच पर कम घुमाव और उछाल लेती है, लेकिन गेंद की चाल इस पर भी निर्भर करती है कि पिच पर घास की स्थिति कैसी है?

एमपीसीए के होलकर स्टेडियम के पिछले 17 साल के इतिहास में जितने मैच हुए हैं, उनमें से अधिकतर मुकाबलों में इसकी पिच बल्लेबाजों के लिए खूब मददगार साबित हुई है, इसलिए इस मैदान को ‘बल्लेबाजों का स्वर्ग’ कहा जाता रहा है।

एमपीसीए अध्यक्ष खांडेकर ने कहा,‘‘होलकर स्टेडियम की पिच ने पिछले दिनों अंतरराष्ट्रीय और घरेलू मैचों की शानदार मेजबानी की है। 24 जनवरी को इस पर भारत और न्यूजीलैंड के बीच एक दिवसीय मैच का आयोजन किया गया था।’’

भाषा हर्ष अर्पणा नमिता

नमिता

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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