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Thursday, 5 February, 2026
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हम प्याज की खेती करने वाले किसानों के साथ हैं: मुख्यमंत्री शिंदे

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(तस्वीरों के साथ)

मुंबई, 28 फरवरी (भाषा) थोक बाजार में प्याज की कीमतों में गिरावट के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि उनकी सरकार प्याज की खेती करने वाले किसानों के साथ है। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो सरकार किसानों को वित्तीय मदद मुहैया कराएगी।

निचले सदन में शिंदे ने कहा, ‘‘हम प्याज की खेती करने वाले किसानों के साथ मजबूती से खड़े हैं। भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) ने प्याज की खरीद शुरू कर दी है जिससे भाव बढ़ेगा।’’ नेफेड केंद्र सरकार के तहत एक शीर्ष संगठन है।

शिंदे ने बजट सत्र के दूसरे दिन कहा कि उनके अनुरोध पर नेफेड ने प्याज की खरीद बढ़ा दी है और किसानों से 2.38 लाख टन प्याज पहले ही खरीदी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी विशेष क्षेत्र में क्रय केंद्र नहीं है, तो वहां इसे किसानों के लिए खोला जाएगा।

महाराष्ट्र में एशिया के सबसे बड़े प्याज बाजार ‘लासलगांव कृषि उत्पाद बाजार समिति’ में प्याज का भाव सोमवार को गिरकर प्रति किलोग्राम दो से चार रुपये तक रह गया जिसके कारण नाराज किसानों ने प्याज बेचना बंद कर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘प्याज के निर्यात पर कोई पाबंदी नहीं है। यदि जरूरी हुआ तो किसानों को कुछ वित्तीय सहायता भी मुहैया कराई जाएगी।’’

इसके पहले विधानसभा में नासिक से आने वाले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता छगन भुजबल ने किसानों की पीड़ा का जिक्र किया और केंद्र सरकार की प्याज संबंधी नीति पर सवाल उठाया।

भुजबल ने कहा, ‘‘ राज्य के सबसे बड़े थोक बाजार में से एक हमारे निर्वाचन क्षेत्र में है। तुर्किये, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, यूक्रेन, मोरक्को, उज्बेकिस्तान और बेलारूस में प्याज की बहुत अधिक मांग है। हमें प्याज का निर्यात करना चाहिए जिससे किसानों को लाभ होगा।’’

भुजबल ने कहा कि कई अंतरराष्ट्रीय व्यापारियों ने शिकायत की है कि भारत सरकार मनमाने ढंग से (प्याज निर्यात पर) प्रतिबंध लगा रही है या इसे हटा रही है। उन्होंने कहा कि वे भारत से (प्याज) खरीदने के इच्छुक नहीं हैं, क्योंकि नीति में निरंतरता नहीं है।

भुजबल ने कहा, ‘‘मैं राज्य सरकार से दिल्ली में लोगों से बातचीत करने का अनुरोध करता हूं, वह पीयूष गोयल (केंद्रीय वाणिज्य मंत्री) भी हो सकते हैं, लेकिन सुनिश्चित करें कि किसानों को नुकसान नहीं हो।’’

भाजपा नेता राहुल अहेर ने कहा, ‘‘रूस-यूक्रेन युद्ध, श्रीलंका की कमजोर अर्थव्यवस्था और बांग्लादेश के हालात भी खराब मांग के लिए उत्तरदायी हैं। इसके अलावा देश के बहुत से राज्यों ने प्याज की खेती करनी शुरू कर दी है जिसके कारण हमारे राज्य के किसानों पर विपरीत प्रभाव पड़ा है।’’

भाषा संतोष पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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