जम्मू, 25 फरवरी (भाषा) जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने कांग्रेस के एक पूर्व मंत्री के खिलाफ नौ वर्ष पुराने छेड़छाड़ मामले की सुनवाई उनके (पूर्व मंत्री) अनुरोध पर श्रीनगर की एक अदालत से जम्मू स्थानांतरित करने का आदेश दिया है और कहा है कि यह नहीं कहा जा सकता कि घाटी में निष्पक्ष सुनवाई नहीं होने की उनकी आशंका “निराधार” है।
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री शब्बीर अहमद खान पर छह फरवरी, 2014 को श्रीनगर के शहीद गंज पुलिस थाने में एक प्रमुख अलगाववादी नेता की पत्नी की शिकायत पर छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया था, जिसके कारण अगले दिन उन्हें (खान) इस्तीफा देना पड़ा था।
खान ने उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की, जिमसें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्रीनगर की अदालत से अपने मुकदमे को जम्मू में समानांतर क्षेत्राधिकार की किसी अन्य अदालत में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया गया था। मामले को जम्मू स्थानांतरित करने के अनुरोध के संदर्भ में खान ने याचिका में कहा था कि वह अदालत की कार्यवाही के दौरान तनाव भरे माहौल को देखते हुए एक निष्पक्ष सुनवाई को लेकर आशंकित है।
न्यायाधीश संजय धर ने बुधवार को अपने चार पन्नों के आदेश में कहा है, “यह सामान्य तथ्य है कि कश्मीर घाटी में अभी भी मुख्यधारा के नेताओं और अलगाववादी विचारधारा को न मानने वाले लोगों पर हमलों की घटनाएं हो रही हैं।”
आदेश में कहा गया है, “इसलिए, यह नहीं कहा जा सकता है कि याचिकाकर्ता द्वारा अदालत के समक्ष मुकदमे का सामना करने के दौरान श्रीनगर में अपने जीवन के प्रति व्यक्त की गई आशंका निराधार है।”
भाषा जितेंद्र माधव
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