बेंगलुरु, 24 फरवरी (भाषा) सरकार को उम्मीद है कि देश में इलेक्ट्रॉनिक चिप विनिर्माण संयंत्रों का निर्माण शुरू करने के लिए इस साल दो आवेदनों को मंजूरी दी जाएगी। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने शुक्रवार को यह बात कही।
उन्होंने ‘सेमीकॉन इंडिया फ्यूचर डिजाइन कॉन्फ्रेंस’ के मौके पर पीटीआई-भाषा को बताया कि इलेक्ट्रॉनिक चिप व्यवसाय में मंदी की वर्तमान स्थिति का भारत के सेमीकंडक्टर कार्यक्रम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
चंद्रशेखर ने कहा कि यह मंदी चक्रीय प्रकृति की है, जबकि कार्यक्रम की योजना दीर्घकालिक नजरिए को ध्यान में रखकर की गई है।
उन्होंने कहा, ”वर्ष 2023 एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगा। हम इस साल मोबाइल फोन निर्यात में एक लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार करेंगे। हम निश्चित रूप से भारत में एक से दो फैब्स की घोषणा करेंगे।”
सरकार को एक साल पहले 1.53 लाख करोड़ रुपये के निवेश के साथ इलेक्ट्रॉनिक चिप और डिस्प्ले संयंत्रों के लिए पांच कंपनियों से प्रस्ताव मिले थे।
वेदांता फॉक्सकॉन गठजोड़, आईजीएसएस वेंचर्स और आईएसएमसी ने 13.6 अरब अमेरिकी डॉलर निवेश के साथ इलेक्ट्रॉनिक चिप विनिर्माण संयंत्रों को स्थापित करने की पेशकश की है। इसके लिए इन कंपनियों ने सेमिकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत केंद्र से 5.6 अरब डॉलर का समर्थन मांगा है।
भाषा पाण्डेय रमण
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