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Tuesday, 3 March, 2026
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सामाजिक परिवर्तन के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग का प्रयास करना चाहिए : राष्ट्रपति

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नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत अपनी उत्कृष्ट विनिर्माण क्षमताओं, उच्च गुणवत्ता वाली प्रतिभा और अत्याधुनिक उन्नत प्रौद्योगिकी के बल पर वैश्विक जुड़ाव का विस्तार करने के मिशन पर है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी में अंतरराष्ट्रीय सहयोग भविष्य में विश्व को एक समृद्ध और सुरक्षित जगह बनाने में बदलाव लाएगा।

अंतरराष्ट्रीय इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी मेला (आईईटीएफ) 2023 का उद्घाटन करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ इसमें कोई संदेह नहीं है कि तकनीक हमारे जीने के तरीके को बदलने जा रही है। हमें सामाजिक परिवर्तन के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने का प्रयास करना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि कोई भी प्रौद्योगिकी जो खुद को लोगों के एक समूह तक सीमित रखती है, वह धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी, दूसरी ओर, सामान्य लोगों के जीवन को सकारात्मक तरीके से बदलने वाली प्रौद्योगिकियां अपनी पकड़ बनाती हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में विश्व के सबसे बड़े डिजिटलीकरण अभियान की व्यापक स्वीकार्यता समाज की ओर से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली तकनीकों को आसानी से अपनाने का एक प्रमुख उदाहरण है।

मुर्मू ने बताया कि भारत अपने उत्कृष्ट विनिर्माण अनुभव, उच्च गुणवत्ता वाली प्रतिभा और अत्याधुनिक उन्नत तकनीकी उपलब्धियों का लाभ उठाते हुए अपने वैश्विक जुड़ाव का विस्तार करने के मिशन पर है।

उन्होंने कहा कि ऐसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं, जहां इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी में अंतरराष्ट्रीय सहयोग भविष्य में विश्व को एक समृद्ध और सुरक्षित जगह बनाने के लिए बदलाव लाएगा।

राष्ट्रपति ने कहा, ’’ भारत के पास अंतरराष्ट्रीय बाजारों के साथ जुड़ने की विशिष्ट क्षमता है। स्वच्छ ऊर्जा को लेकर हमारी प्रतिबद्धता हमारे हरित विकास को संचालित कर रही है । भारत साल 2070 में शुद्ध शून्य उत्सर्जन लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।’’

अंतरराष्ट्रीय इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी मेला (आईईटीएफ) 2023 16-18 फरवरी तक प्रगति मैदान में आयोजित किया जा रहा है।

मुर्मू ने कहा कि पहले आईईटीएफ के बाद से पिछले 48 वर्षों में भारत ने एक लंबी यात्रा की है और इस अवधि के दौरान इंजीनियरिंग उद्योग ने नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है।

उन्होंने कहा कि आज यह भारत के उद्योग का एक ठोस, बहु-स्तरीय व विविध हिस्सा है, जो विकास को आगे बढ़ाने, रोजगार सृजित करने और निर्यात को बढ़ावा देने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

भाषा दीपक

रंजन पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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